करनाल में किसान आन्दोलन पर हुए पुलिसिया हमले के खिलाफ प्रदर्शन

Aug 30 2021

ग्वालियर। ग्वालियर के फूलबाग चौराहे पर हरियाणा के करनाल में किसानों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और उसमे एक किसान की निर्मम से हुई हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान विरोधी, जन विरोधी कृषि कानून और बिजली कानून 2020 के खिलाफ पिछले 9 महीने से देश भर के किसान, दिल्ली की सभी बॉर्डर पर, और देश के विभिन्न राज्यों में इन्हे वापस करने की मांग को लेकर आंदोलनरत है। इसमें पंजाब और हरियाणा के किसान अग्रिम मोर्चे पर खड़े हैं, लेकिन यह किसान आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा है । बावजूद इसके एक तरह मोदी सरकार तो दूसरी तरफ हरियाणा की खट्टर सरकार इस आंदोलन का दामन करने के लिए स्टार हथकंडे अपना रही है और बर्बरता की सारी हदें पार कर रही हैं।
करनाल में किसानों पर जो बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया, स्वयं करनाल के एसडीएम और मुख्यमंत्री के आदेश पर यह कार्यवाही की गई और न सिर्फ इनपर लाठीचार्ज किया गया बल्कि कई किसानों के सर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, और एक किसान की मौत भी हो गई है। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव मनीष श्रीवास्तव ने आपने वक्तव्य में कहा कि तीन किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ हरियाणा के करनाल में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे किसानों पर प्रदेश सरकार द्वारा बर्बर लाठीचार्ज किया गया जो कि घोर निंदनीय है। आज नये कृषि कानूनों के तहत आम आदमी की जरुरत की वस्तुओं में स्टाक में छूट देकर उसे और भी मंहगी होती जा रही है वहीं बिजली एक्ट 2020 के लागू होने से पहले ही बिजली बिलों में भारी बढ़ौतरी कर बिजली को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। हम सभी को किसानों के साथ खड़ा होना होगा।
विरोध प्रदर्शन में एसयूसीआईआई (कयुनिस्ट) पार्टी की जिला प्रभारी रचना अग्रवाल ने भी अपनी बात रखी और समस्त जनता से अपील काले कृषि कानून और सरकार की सभी जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन संगठित करने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन एसयूसीआई (सी) के ग्वालियर किला कमिटी सदस्य कॉम रूपेश जैन ने किया।