'नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की

Aug 30 2021

ग्वालियर। कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर के मंदिरों में रविवार देर रात तक सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। शहर के तमाम श्रीकृष्ण मंदिरों में फूलों से विशेष सजावट देर रात तक जारी रही। वहीं मंदिरों पर आकर्षक विद्युत सज्जा की जा चुकी है, जिसके कारण मंदिर रोशनी से जगमग हो उठे हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर पर राधा-कृष्ण का वेशकीमती जेवरातों के साथ श्रृंगार किया गया। सुबह से ही रत्नजडि़त आभूषणों से सजे राधा-कृष्ण की मनोहारी छटा को देखने के लिए मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ लगना प्रारंभ हो गई थी। भगवान कृष्ण और राधा के श्रृंगार के उपरांत भक्तगणों के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। पट खुलते ही मंदिर परिसर में भक्तों का आने का सिलसिला शुरू हो गया जो देर रात जारी रहा। 
लोगों की आस्था केंद्र सनातन धर्म मंदिर द्वारा जन्माष्टमी का महाप्रसाद वितरण किया गया। मंदिर को फूल व केले के पत्तों से सजाने के साथ ही आकर्षक विद्युत सज्जा की जा चुकी है। सोमवार को जन्माष्टमी पर सुबह 9 बजे भगवान श्री चक्रधर एवं श्री गिरिराजधरण का पंचामृत से वैदिक मंत्रो'चार के साथ अभिषेक किया गया। शाम 5 बजे से मंदिर में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर व कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए दर्शन करे। सभी भक्तों को सिंघाड़े की पंजीरी (दो क्विंटल), व माखन- मिश्री (तीन क्विंटल) प्रसाद वितरित किया गया। रात 11:30 बजे भगवान के पट लग गये, जो 12 बजे श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही खुले। 31 अगस्त को नंदोत्सव होगा। सुबह 9 बजे हिंडोला उत्सव और शाम 4 बजे महिलाओं द्वारा बधाई गीत गाए जाएंगे। 56 भोग के दर्शन भी होंगे। 
मुरार स्थित द्वारिकाधीश मंदिर, ओल्ड हाईकोर्ट स्थित गिरिराज जी मंदिर समेत अन्य सभी कृष्ण मंदिरों में भी सोमवार को श्रद्धालु बाल गोपाल के जन्मोत्सव के लिए पहुंचें। देर रात तक मंदिरों में हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की गूंज सुनाई दी। 
वहीं जनकगंज स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मंदिर प्रांगण को फूलों से सजाया गया व भगवना का विशेष अभिषेक हुआ। सराफा बाजार स्थित श्रीनाथ जी की हवेली में मंगलवार को सुबह 8 से 10 बजे तक दर्शन हुए, इसके साथ ही मटकी फोड़ प्रतियोगिता व बाल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सभी श्रद्धालु पीतांबरी वस्त्र धारण कर नंद महोत्सव में शामिल हुए। 
अचलेश्वर महादेव मंदिर में जन्माष्टमी पर कृष्ण और शिव स्वरूप के दर्शन हुए। अचलेश्वर युवा भक्त मंडल द्वारा प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी अचलनाथ धाम में छप्पन भोग लगाए गए, और फूल बंगला सजाया गया। आकर्षक विद्युत सजावट व सबसे विशेष भगवान अचलनाथ के अद्भुत अलौकिक स्वरूप का दर्शन हुए। जिसमें श्री कृष्ण और शिव के अर्ध स्वरूप में श्री कृष्ण और महादेव का श्रृंगार हुआ। गौरतलब है कि सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई, मगर रविवार को ही शहर कृष्णमय हुआ दिखाई देने लगा। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ रविवार रात 11:25 बजे हो गया था।