अल्पविराम को जीवन शैली में अपनायें-प्रवीण गंगराड़े

Aug 29 2021

ग्वालियर। आनन्दको हेतु अभिनव पहल पाँच दिवसीय ऑनलाइन अल्पविराम (सांध्य) कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। जिसमें म.प्र. राज्य आनन्द संस्थान के सी.ई.ओ. अखिलेश अर्गल ने अपने सम्बोधन में बताया कि अल्पविराम के माध्यम से हम खुशी के जिस पायदान पर खड़े होते हैं , उसके अगले पायदान पर बढऩे लगते हैं। हम स्वयं के लिए भी समय निकालें। अल्पविराम हमें स्वीकारता के भाव से सुधार की ओर ले जाता हैं और जीवन को आनंदमय बनाने में सहायक होता है। इसी आयोजन में रास के निदेशक प्रवीण गंगराड़े ने बताया कि आनन्द के लिए अल्पविराम अभ्यास का टूल है। शान्त समय का चिंतन हमें समस्या से समाधान की ओर ले जाता है। हमें अल्पविराम को जीवन का हिस्सा बनाना है।
राज्य आनन्द संस्थान जिला ग्वालियर के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीडर (आनन्द) विजय कुमार उपमन्यु ने बताया कि ग्वालियर जिले के 50 आनन्दको की सहभागिता के लिए यह विशेष अल्पविराम (सांध्य समय में) ऑनलाइन आयोजित किया गया। जिसमें राज्य आनन्द संस्थान के मास्टर ट्रेनर्स प्रदीप महतो, जितेश श्रीवास्तव, मनीषा काम्बले, प्रेम प्रकाश सिरोलिया, दीप्ति उपाध्याय, केके बुटोलिया, विजय उपमन्यु ने ग्वालियर जिले से कार्यक्रम संचालन में सहयोग प्रदान किया। दमोह से ट्रेनर प्रेमलता भी शामिल हुई। उक्त पाँच दिवसीय आयोजन में ट्रेनर्स द्वारा सहभागी आनन्दको को जीवन में आनंदित रहने और शान्त समय के बारे में जीवन के लेखा-जोखा अपने रिश्तो को कृतज्ञता ज्ञापित करके तथा माफी मांग कर एवं माफ  कर कैसे सुधारा जाये। दूसरों की मदद करके किस प्रकार आनंद पा सकते हैं। स्वयं से स्वयं को कैसे जोड़े और अपने जीवन  की बुराइयों कमियों को जानकर कैसे दूर किया जाये, फ्रीडम ग्लास आदि विषयों पर स्वयं के अनुभव बताते हुये सहभागियों से चर्चा की गई तथा उनके अनुभव जाने गए। अंतिम दिवस में मौन की शक्ति को जानने और स्वावलोकन हेतु ढाई घंटे का मौन सत्र भी कराया गया। प्रतिदिन शुरुआत में भावपूर्ण प्रार्थना औऱ समापन पर प्रेरक गीत प्रस्तुत किया गया। सहभागियों ने इस कार्यक्रम से अपने दैनिक जीवन में परिवर्तन भी महसूस किया तथा सभी ने कार्यक्रम को बहुत सराहा और पुन: कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया भी किया। विजय कुमार उपमन्यु द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।