कोरोना के बीच वायरल फीवर के मरीज बढ़े ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़

Aug 28 2021

ग्वालियर। कोरोना के बीच अब शहर में डेंगू और दिमागी बुखार के मरीजों की भरमार होने से ओपीडी में सुबह से लेकर दोपहर तक मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती है। इतना ही नहीं ओपीडी में उमड़ी भीड़ से गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों का उपचार होने में समस्या खड़ी हो रही है। अचानक से बढ़े मरीजों के कारण अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा सी गई है और मरीज व अटेंडरों को गर्मी के मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 
आमतौर पर सर्दी,जुकाम और बुखार,खासी के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही ट्रीटमेंट लेना चाहिए और गंभीर बीमारी होने पर ही जेएएच में आना चाहिए लेकिन सभी अस्पतालों को छोड़ मरीज जरा सी बीमारी पर जेएएच में पहुंच रहे जिसके कारण व्यवस्थाएं बिगड़ सी गई हैं।
उल्लेखनीय है कि मौसम में आए बदलाव के साथ ही शहर में डेंगू और दिमागी बुखार के मरीज बढऩा शुरू हो गए हैं। एक ओर प्रशासन कोरोना की तीसरी लहर को नियंत्रित करने में लगा है वहीं दूसरी ओर डेंगू और दिमागी बुखार के मरीज बढऩे से अस्पताल प्रबंधन की चिंता बढ़ गई। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज आने से माधव डिस्पेंसरी स्थित ओपीडी में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित है। यहां भीषण गर्मी के बीच मरीज और उनके साथ आए अटेंडरों को अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन की माने तो अस्पताल में चिकित्सक व अन्य स्टॉफ कम है और मरीजों की संया एकाएक बढऩे से थोड़ी बहुत समस्या तो आती है।
हर चौथा मरीज वायरल फीवर का शिकार
यदि आपको तेज बुखार के साथ लगातार सिरदर्द और बार-बार उल्टी हो रही हैं तो इसे जरा भी हल्के में न लें, क्योंकि यह लक्षण दिमागी बुखार के हैं। बीते 10 दिन में 55 केस ग्वालियर के न्यूरोलॉजी में सामने आए हैं। हर दिन 5 से 6 पेशेंट आने की पुष्टि डॉक्टर कर रहे हैं। इसके साथ ही डेंगू भी धीरे-धीरे अंचल में पांव पसार रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इसके कुछ प्राथमिक लक्षण होते हैं। जिन्हें शुरू में ही गंभीरता से ले लिया जाए और समय पर डॉटर से परामर्श कर लिया जाए तो स्थिति पर नियंत्रण हो सकता है। यदि यह दिमागी बुखार बिगड़ जाए तो जान जाने का भी खतरा रहता है।
कोविड का खतरा अभी टला नहीं है, लेकिन वायरल डिसीज ने परेशान करना शुरू कर दिया है। जयारोग्य अपताल की ओपीडी में आने वाला हर चौथा मरीज वायरल फीवर का शिकार है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग सभी का फोकस कोविड की तीसरी संभावित लहर आने से पहले सभी इंतजाम पूरे करने पर है। पर दवे पांव डेंगू, मलेरिया और दिमागी बुखार के मामले दस्तक दे रहे हैं।