बाढ़ पीडि़तों को सांसद से दिलवा दिए फटे-पुराने कपड़े और जूते पीडि़त बोले-गरीबों का मजाक मत उड़ाओ

Aug 27 2021

ग्वालियर। भितरवार में बाढ़ पीडि़तों के साथ मदद के नाम पर मजाक किया गया है। 3 दिन पहले प्रशासन ने ग्वालियर सांसद विवेक शेजवलकर के हाथ से नजरपुर गांव के बाढ़ पीडि़तों को कपड़े, जूते और चप्पल बंटवाएं। गांव वालों ने जब गठरी खोली तो और चेक किए तो वे फटे और पुराने थे। यह देखकर गांव के पीडि़तों की आंखों में आंसू आ गए। शुक्रवार को पीडि़तों ने प्रशासन की मदद स्ष्ठरू ऑफिस को वापस लौटा दी।
लोगों ने एसडीएम दफ्तर का घेराव करके कहा- हम भिखारी नहीं है। बाढ़ में हमारी गृहस्थी और मेहनत की पूरी कमाई बह गई है। सरकार या अफसर मदद नहीं कर सकते तो न करें, लेकिन झूठी उम्मीद बंधाकर इस तरह मजाक तो न उड़ाए। इस तरह की हरकत से लोगों में काफी आक्रोश है।
ग्वालियर-चंबल अंचल में 1 व 2 अगस्त को भीषण बाढ़ आई थी। इसमें ग्वालियर जिले के डबरा-भितरवार के इलाकों के करीब 46 गांव के हजारों लोग बेघर हो गए थे। 2500 से ज्यादा मकान टूट गए या बह गए थे। यह मकान अब किसी लायक नहीं बचे हैं। लोगों का पैसा, गहने, गृहस्थी का सामान व मवेशी तक बह गए थे। हालत यह है कि कई गांव में लोगों के पास पहनने के लिए दूसरी जोड़ी कपड़े तक नहीं हैं।
सांसद के हाथों करा दी ऐसी मदद
24 अगस्त को ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर भितरवार के बाढ़ प्रभावित गांव नजरपुर में पहुंचे थे। यहां उन्होंने गांव की महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को कपड़े और जूते चप्पल भेंट किए थे। जो सामान उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से दिए और फोटो खिंचवाए, वह तो अच्छे थे, लेकिन गांव के लोगों ने जब उनके जाने के बाद गठरी खोली तो वह फटे-पुराने कपड़े, जूते, चप्पल देखकर हैरान रह गए।
एसडीएम कार्यालय घेरा, किया हंगामा
नजरपुर गांव के लोगों ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे इस मामले में हंगामा शुरू कर दिया है। पीडि़तों ने भितरवार एसडीएम अश्वनी कुमार के दफ्तर पहुंचकर कपड़े और जूते फेंक दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह एनजीओ के द्वारा भेजे गए कपड़े और जूते हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि आपको तो देखकर वितरित करना चाहिए। 
लोगों का कहना झूठी उम्मीद न बंधाओं तकलीफ होती है
नजरपुर गांव की ममता देवी ने कहा कि बाढ़ में सब कुछ बह गया। अब कुछ नहीं बचा है। तीन दिन पहले यह राहत सामग्री बांटी गई थी, जिसमें फटे कपड़े व जूते हैं। सामान भले ही मत बांटो, लेकिन गरीब को झूठी उम्मीद तो मत बंधाओ। हमारा मजाक मत उड़ाओ। मुन्नीबाई ने कहा कि फटे, कपड़ा, जूता बांट गए हैं। प्रशासन और सरकार हमसे ऐसा व्यवहार करेगा पता नहीं था। प्रकृति ने हमे सताया है और नेता और अफसर मजाक उड़ा रहे हैं। ऐसा न करो गरीब का मजाब मत बनाओ।
अश्वनी रावत एसडीएम भितरवार का इस बारे में कहना हैं कि पूरा मामला है चेक करवा रहा हूं।