कोरोना का भयावह रूप देखने के बाद भी नहीं सुधर रहे लोग , ना मास्क लगाना और ना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना

Aug 26 2021

ग्वालियर। कोरोना को लेकर लोगों की लापरवाही दिनों दिन बढ़ती जा रही फिर भी प्रशासन इस ओर सुस्त नजर आ रहा जिसके कारण एक बार फिर से शहर में कोरोना का खतरा बढऩे लगा है। कोरोना की दूसरी लहर में जिस कदर से कोरोना ने भयावह रूप दिखाया था उसके बाद भी लोग बीमारी को लेकर सजग नहीं हैं। ऐसा ही कुछ हाल कोरोना वैक्सीन को लेकर है और लोग बड़े-बड़े अभियान और शासन व प्रशासन के व्यापक प्रचार-प्रसार के बाद भी वैक्सीन लगवाने के प्रति जागरुक नहीं हो रहे हैं। इसके दुष्परिणाम आने वाले दिनों में देखने को मिल सकते हैं और एक बार फिर से शहर कोरोना की गिरफ्त में आ सकता है। आज जो हालात बाजारों और बस स्टेंड व रेलवे स्टेशन तथा सार्वजनिक स्थलों का है उसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
कोरोना की दूसरी लहर में महामारी का खतरनाक रूप देखने के बाद भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। बाजार में लोगों की भीड़ जमा हो रही है। जिनके बीच न तो सुरक्षित शारीरिक दूरी दिख रही न ही मुंह पर मास्क पहने हुए हैं। यह लापरवाही कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा रही है। पिछले चार दिन से संक्रमण का स्तर शून्य चल रहा था, पर बढ़ती लापरवाही के कारण मंगलवार को संक्रमण ने एक बार फिर दस्तक दे दी। जीआर मेडिकल कालेज में हुई 2948 की जांच में एक संक्रमित निकला है, जबकि दो मरीज स्वस्थ हुए हैं। सरकारी बुलेटिन में जिले में एक्टिव केस की संया महज एक बताई जा रही है, क्योंकि मंगलवार को जो संक्रमित पाया गया है, वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला सीआरपीएफ का जवान है। एक सप्ताह पहले ही छुट्टी बिताकर घर से लौटा तो उसे बुखार व सर्दी, खांसी की समस्या हुई, जिसके चलते पनिहार सीआरपीएफ कैंप के अस्पताल में भर्ती हुआ। जहां पर जवान की डाक्टर ने कोविड जांच कराई तो वह संक्रमित पाया गया।
पिछले चार दिन से रैपिड किट की उपलधता न होने के चलते आरटीपीसीआर की सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। अब 1500 के स्थान पर दो हजार आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। रैपिड एंटीजन से सैंपल लिए जा रहे थे तब तीन हजार सैंपल हर दिन हो रहे थे। पर खास बात यह है कि सरकारी जांच में संक्रमितों की संया कम ही पकड़ में आ रही है। 19 अगस्त से पहले चार दिन जो संक्रमित पाए गए।
बाहर से आने वाले लोगों की जांच नहीं हो रही
अहम बात यह है कि प्रशासन द्वारा बाहर से आने वाले लोगों की प्रोपर तरीके से जांच-पड़ताल भी नहीं हो रही है जिसके कारण बाहर से आने वाले लोग स्वंय तो कोरोना का शिकार हैं ही साथ ही अपने परिजन व आसपास के लोगों को भी कोरोना का शिकार कर रहे हैं। अगर इसी प्रकार से कोरोना जांच-पड़ताल में लेतलाही बरती गई तो आने वाले दिनों में कोरोना शहर में पांव पसार लेगा।
दुकानों के बाहर नहीं हैं गोले
शहर के साथ-साथ जिले भर को अनलॉक करते समय प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अनलॉक को आजादी ना समझें और अपने व्यवसाय के साथ-साथ कोरोना गाइडलाइन का भी पूरा-पूरा पालन करें। दुकानों के बाहर गोले बनाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें लेकिन अनलॉक के बाद आमजन के साथ-साथ व्यवसाई भी कोरोना को भूल गए और ना तो सोशल डिस्टेंसङ्क्षग का पालन हो रहा और ना ही मास्क लगा रहे हैं जिसके कारण कोरोना का खतरा अधिक बढ़ रहा है।