जन्माष्टमी पर करोड़ो के जेवरात से होगा राधा कृष्ण का श्रंगार

Aug 25 2021

ग्वालियर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के नजदीक आते ही फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। भक्तों के लिए यहां पर होने वाला राधा कृष्ण का विशेष श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहता है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राधाकृष्ण की प्रतिमा को करोड़ों रुपये के बेशकीमती जेवरात पहनाए जाते हैं। गोपाल मंदिर के पुजारी प्रदीप सरवटे के अनुसार मंदिर में स्थापित राधाकृष्ण की प्रतिमाओं का श्रृंगार जेवरात से करने की परंपरा आजादी से पूर्व की है। उस समय सिंधिया राजपरिवार के लोग व रियासत के मंत्री दरबारी व आम लोग जन्माष्टमी पर दर्शन करने मंदिर में आते थे। उस समय भगवान राधाकृष्ण को जेवरात से सजाया जाता था। आजादी के बाद मध्य भारत की सरकार बनने के बाद गोपाल मंदिर से जुड़ी संपत्ति जिला प्रशासन व निगम प्रशासन के अधीन हो गई ओर इसके बाद से जन्माष्टमी पर मंदिर में स्थापित प्रतिमाओं का जेवरातों से श्रृंगार नहीं हुआ, साल 2007 में निगम की संपत्तियों की पड़ताल कराई गई जिसमें इन जेवरातों की जानकारी मिली जिसके बाद से मंदिर में राधाकृष्ण की प्रतिमाओं का फिर से जेवरातों से श्रृंगार करने की परंपरा शुरू हुई जो लगातार चालू है। पिछले साल की भांति इस साल भी कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए भक्तों को राधा कृष्ण के दर्शन दूर से ही करने पड़ेंगे।
इन जेवरातों से होगा राधाकृष्ण का श्रृंगार
249 शुद्ध मोती की माला, सोने की बांसुरी, हीरे जड़े कंगन, भगवान श्री कृष्ण और राधा के झुमके, सोने की नथ, कडे, चूडिय़ा, 50 किलो चांदी के बर्तन हीरे जवाहरात से जड़ा स्वर्ण मुकुट, पन्ना और सोने की सात लड़ी का हार, समेत अन्य जेवरात शामिल है।