जयवर्धन का सिंधिया पर तंज, जब से ज्योतिरादित्य आए हैं, भाजपा तीन भागों में बंट गई है

Aug 25 2021

ग्वालियर। कमल नाथ सरकार में मंत्री रहे, राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह बुधवार को ग्वालियर प्रवास पर आए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेताओं से गांधी रोड स्थित वीआइपी सर्किंट हाउस में चर्चा भी की। इसके बाद ग्वालियर ग्रमीण अध्यक्ष अशोक सिंह के निवास पर पत्रकारों से चर्चा की। जयवर्धन सिंह ने कहा कि आज प्रदेश में तीन भाजपा हो चुकी है। पहली शिवराज भाजपा, दूसरी महाराज भाजपा और तीसरी नाराज भाजपा। आप सब खुद ही देख रहे हैं कि सिंधिया के जाने से कांग्रेस में गुटबाजी खत्म हो गई है और भाजपा में बढ़ गई है। ग्वालियर-चंबल में नरेन्द्र सिंह तोमर, वीडी शर्मा और सिंधिया के गुट हैं।
बुधवार सुबह ग्वालियर में प्रदेश सरकार में पूर्वमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा पर तीखे प्रहार किए हैं। राघोगढ़ घराने के जयवर्धन सिंह मुरैना में शहीदों के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद लौट रहे थे। इस दौरान उन्होंने ग्वालियर में कई कांग्रेस नेताओं के घर पहुंचकर मुलाकात की है। कांग्रेस नेता अशोक सिंह के घर पर पत्रकारों से भी चर्चा की है। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, विधायक लाखन सिंह, कांग्रेस शहर अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, कांग्रेस नेता अशोक सिंह उपस्थित रहे।
यहां जयवर्धन सिंह वैक्सीनेशन पर बोले हैं कि विस्तृत कार्यक्रम बनाना चाहिए। भाजपा को कांग्रेस से सीखना चाहिए कि जिस तरह से कांग्रेस ने पोलियो अभियान चलाया था उसी तर्ज पर वैक्सीनेशन को बढ़ाना चाहिए। गांव-गांव में वैक्सीन लगाने पर जोर देना चाहिए। जिस गति से वैक्सीनेशन चल रहा है मुझे नहीं लगता इस साल यह पूरा हो पाएगा।
सिंधिया के विकल्प में खुद के सवाल पर भी बोले जयवर्धन
जब पूर्वमंत्री जयवर्धन सिंह से पूछा गया कि सिंधिया के जाने के बाद प्रदेश और विशेषकर ग्वालियर-चंबल अंचल में युवा विकल्प के रूप में आप खुद को देखते हैं तो उनका कहना था कि ग्वालियर- चंबल अंचल में लाखन सिंह, डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह जैसे बड़े नेता हैं। मैं भी खुद भी ग्वालियर-चंबल संभाग से हूं। जब भी आवश्यकता होगी और पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, मैं हर तरह से जनता की सेवा के लिए तैयार हूं।
भाजपा ने ओबीसी वर्ग को धोखा दिया है
पूर्वमंत्री जयवर्धन सिंह से जब ओबीसी आरक्षण पर मचे बवाल पर सवाल किया गया तो उनका कहना था कि जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे तब कांग्रेस ने तय किया था कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। पर जैसे ही सरकार बदली नई सरकार ने कोर्ट में जवाब पेश किया कि जो 13 से 14 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण होना है यह अभी संभव नहीं है। कह सकते हैं कहीं न कहीं भाजपा सरकार ने ही प्रदेश के ओबीसी वर्ग के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है।
बाढ़ से लोग भूखे मर रहे हैं, आप अन्न उत्सव मना रहे हैं
ग्वालियर में बाढ़ प्रभावित लोगों पर भी बोले हैं कि यहां बाढ़ प्रभावित लोग भूख से बेहाल हैं। आर्थिक मदद नहीं पहुंची है और भाजपा अन्न उत्सव मना रही है। बैग पर अपने फोटो छपवाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने कभी इस तरह का प्रचार नहीं किया। पर असरदार तरीके से कई अभियान चलाए। भाजपा और प्रधानमंत्री जी को कांग्रेस से सीखना चाहिए।