धर्म-परिवार व देश-समाज की रक्षा का संकल्प ही रक्षाबंधन है-मुनिश्री

Aug 22 2021

ग्वालियर। रक्षाबंधन पर्व प्यार और रक्षा के संकल्प का पर्व है। भाई बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे मजबूत और पवित्र रिश्ता है। बहन केवल कलाई पर रेशम का धागा नहीं बांधती है अपितु अपना प्यार बांधती है। धर्म और परिवार की रक्षा का संकल्प, देश और समाज की रक्षा का संकल्प लेकर जीना ही रक्षाबंधन का सार्थक उत्सव मनाना है। यह विचार राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष महाराज ने रविवार को नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्म शाला में रक्षा बंधन व भगवान श्रेयांश नाथ के मोक्ष कल्याणक पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही। मंच पर मुनिश्री विजयेश महाराज, मुनिश्री विनिबोध महाराज व ऐलक विनियोग सागर महाराज मौजूद थे।
मुनिश्री ने कहा कि इस त्योहार का संबंध सिर्फ गृहस्थ से ही नहीं, मुनियों से भी है। रक्षाबंधन का मुख्य महत्व तभी है, जब हम अपने धर्म, धर्मायतनों, मुनिराजों, आर्यिका माताजी आदि साधुओं, राष्ट्र, पर्यावरण की रक्षा हेतु विचार करें। रक्षाबंधन मात्र भाई द्वारा बहन की रक्षा का पर्व नहीं है, बल्कि मां, बेटा, भाई, पति-पत्नी कोई भी हो, सभी के प्रति वात्सल्य एवं प्राणी मात्र की रक्षा का पर्व है। जहां वात्सल्य भाव होता है, वहीं रक्षा का भाव होना संभव है। अत: रक्षाबंधन वात्सल्य पर्व ही है।रक्षाबंधन के दिन जैन मंदिरों में श्रावक-श्राविकाएं जाकर धर्म और संस्कृति की रक्षा के संकल्प रक्षासूत्र बांधते हैं और रक्षाबंधन पूजन करते हैं। इस मौके पर समिति के डॉ वीरेंद्र गंगवाल, विकास गंगवाल, बालचंद जैन, विनय कासलीवाल, नीरज छाबड़ा, संस्था के अध्यक्ष योगेश बोहरा, आशीष जैन, पंकज बाकलीवाल, मिखिल जैन, अनिल जैन आदि मौजूद थे।
मुनिश्री की पिच्छी में जैन समाज ने रक्षा सूत्र के रूप में राखियां बांधकर लिया रक्षा संकल्प
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि अभूतपूर्व वर्षायोग समिति व जैन मिलन ग्वालियर की ओर चंपाबाग धर्मशाला में रविवार को मुनिश्री विहर्ष महाराज, मुनिश्री विजयेश महाराज, मुनिश्री विनिबोध  महाराज, ऐलक विनियोग महाराज मुनिराजों की पिच्छिकाओ में प्रथम राखी चांदी की अनिल दीपिका जैन परिवार ने बंधी। दूसरी राजेश पदमचंद जैन लोहामंडी, तीसरी प्रमोद जैन ठाठीपुर व चौथी स्वाति जैन पलाश जैन ने राखियां बांधी। वही जैन समाजजनो ने पिच्छिकाओ में राखियां बंधने के उपरांत रक्षा बंधन के दिन 700 मुनिराजों पर आये उपसर्ग निवारण का पर्व की रक्षा का संकल्प लिया।। मुनिश्री के सानिध्य में भगवान श्रेयांश नाथ के मोक्ष कल्याणक पर भक्तों ने भक्ति के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।
रक्षा बंधन प्रतियोगिता में बच्चों पुरुस्कार वितरण किए
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि जैन मिलन ग्वालियर व मुनिश्री के सानिध्य मर 31 बच्चों ने रक्षा बंधन प्रतियोगिता में भाग लिया।
जिसमे प्रथम पीयू जैन ठाठीपुर, दूसरे स्थान जागृति जैन, व तीसरे स्थान पर सम्मेद जैन अनुष्का जैन रही। वी सात्वना में प्राची जैन चौथा, पांच आयुषी जैन, 6 नैंसी जैन, 7 रखी जैन एवं 8 रेनू जैन रही। मुनिश्री के सानिध्य में सभी को पुरस्कर वितरण किए।