एमआर की हत्या का खुलासा , अनजान को लिफ्ट देना पड़ा महंगा, जेब में रुपए के चक्कर में हुई थी हत्या

Aug 22 2021

ग्वालियर। 10 दिन पहले एक एमआर (मेडिकल रिप्रेंजेटेटिव) की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। एमआर की हत्या उसकी अनजान को लिफ्ट देने की आदत के चलते हुई थी। घटना वाले दिन आरोपी को उसने लिफ्ट दी। आरोपी ने उसकी जेब में कैश (1300 रुपए) और मोबाइल देखा तो उसने लूट की योजना बनाई। साथ में बैठकर शराब पी, फिर मोबाइल पर्स लूटकर भागने लगा। पर एमआर ने उसे पकड़ लिया तो उसने पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी।
आरोपी कभी नहीं पकड़ा जाता, लेकिन उससे एक गलती हो गई। उसने लूटा मोबाइल पत्नी को दे दिया। पत्नी ने मोबाइल में सास की सिम डाल दी। मोबाइल ऑन होते ही पुलिस को लोकेशन मिली और आरोपी पकड़ते ही पुलिस ने अंधे कत्ल का खुलासा हो गया। आरोपी ने लूटी गई एक्टिवा को भी कटर से काट दी थी।
एसपी अमित सांघी ने बताया कि 12 अगस्त की रात मेहगांव निवासी पंकज जैन की हत्या हुई थी। पंकज जैन एमआर था। शव को देखा तो पत्थर से उसका सिर कुचला गया था। हत्या का पता चलने पर सीएसपी नागेन्द्र सिंह को मर्डर ट्रेस की जिम्मेदारी सोपी गई। उन्होने बहोड़ापुर टीआई अमर सिंह सिकरवार के साथ मिलकर पड़ताल शुरू की। पंकज के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि शराब पीने का शौकीन था। इसके बाद घटनास्थल से लेकर आस-पास के सीसीटीवी कैमरे चैक किए। करीब एक दर्जन कैमरे खंगालने के बाद एमआर के साथ एक अन्य युवक का धूंधला फुटेज सामने आया। इसी बीच एमआर से लूटा गया मोबाइल ऑन हुआ। उसमें जो सिम डली थी उस नंबर तक पुलिस पहुंची तो वह घोसीपुरा बहोड़ापर था। पुलिस ने पता किया तो जानकारी मिली कि जिस महिला के पास मोबाइल मिला था उसे यह उसके पति इलिसास खान निवासी बागचीनी मुरैना ने दिया था। वह पेशे से ट्रक चालक है। इसके बाद पुलिस ने इलियास को उठा लिया। पकड़े जाते ही उसने हत्या करना कुबूल कर लिया।
लिफ्ट लेकर शराब पिलाई फिर हत्या को दिया अंजाम
इलियास की भाभी ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। इसलिए उसका ग्वालियर आना जाना था। घटना वाले दिन वह अस्पताल से लौट रहा था। बहोड़ापुर रेलवे फाटक के पास उसे पंकज एक्टिवा पर आता दिखा। उसने हाथ दिया तो वह रूक गया। उससे लिफ्ट लेकर ट्रांसपोर्ट नगर तक छोडऩे को कहा। रास्ते में किसी काम से पंकज ने पर्स खोला तो उसमें काफी पैसे थे। एक्टिवा भी चमचमा रही थी। यह देखकर इलियास की नियत डोल गई। उसने गाडी पर बैठे-बैठे तय कर लिया कि किसी तरह यह सब चीजे उससे छीनना है। इसके बाद उसने पंकज से बातचीत शुरू कर दी। फिर उसे शराब पीने के लिए भी राजी कर लिया। दोनो ट्रांसपोर्ट नगर कलारी पहुंचे। वहां से शराब के दो क्वार्टर खरीदे। फिर पंकज को सुनसान जगह पर लेकर पहुंचा। वहां बैठकर शराब के जाम छलकाएं।
मोबाइल, पर्स लूटा तो विरोध किया, फिर कर दी हत्या
पंकज नशे में हो गया तो इलियाज ने उसका मोबाइल छीन लिया। जब एक्टिवा लेकर भागने लगा तो पंकज ने उसे पकड़ लिया। दोनों में झगड़ा हुआ। जब पंकज हावी होता दिखा तो इलियाज ने उसके सिर पर पत्थर पटक दिया, लेकिन उसे लगा कि अगर यह बच गया तो पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट करेगा। इसके बाद इलियास ने उसका मुंह बंद करके मार डाला। फिर मोबाइल, एक्टिवा लेकर भाग गया।
एक्टिवा को ग्राइंडर से काटकर कर दिए टुकड़े
हत्या के बाद इलियाज अपने गांव भाग गया। वहां जाकर ग्रांइडर से एक्टिवा के टुकड़े-टुकड़े कर डाले। उसने सोचा कि अगर एक्टिवा किसी ने देख ली तो फंस सकता है। इसलिए काट देने में भलाई है। हत्या का खुलासा हुआ तो पुलिस उसके गांव पहुंच गई और टुकड़ों में कटी एक्टिवा बरामद कर ली है।