तेज रफ्तार कार ने कार व दो बाइकों को टक्कर मारी, 3 लोग घायल

Aug 22 2021

ग्वालियर। तेज रफ्तार कार ने पहले एक कार को पीछे से टक्कर मारी। इसके बाद भागने के प्रयास में स्पीड बढ़ा दी। हड़बड़ाहट में कार ने आगे जा रही दो बाइकों को भी टक्कर मार दी। इसके बाद रेलिंग से टकराकर गाड़ी रुक गई। कार महिला ड्राइवर चला रही थी। वह टेस्ट ड्राइव ले रही थी। घटना के बाद कार में सवार लोग गाड़ी छोड़कर भाग गए। हादसे में तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने आरोपी कार ड्राइवर पर केस दर्ज किया है।
झांसी मऊरानीपुरा निवासी नरेंद्र पटेरिया (32) पुत्र हरीशचन्द्र पटेरिया कारोबारी हैं। वह निजी काम से ग्वालियर आए थे। वह नया बाजार से डॉ. रमेश नगरिया को कार पीव्ही4सीडी5910 में बैठाकर नया बाजार से मुरार की तरफ जा रहे थे। वह कटोराताल रोड पर अचलेश्वर मंदिर के पास टेलीफोन एक्सचेंज के सामने से गुजर रहे थे। अचानक तेज रफ्तार कार एमपी07सीजे2836 के ड्राइवर ने पीछे से उनकी कार में टक्कर मार दी।
टक्कर लगते ही नरेंद्र का सिर कांच में टकराया। वह कुछ समझ पाते, तभी टक्कर मारने वाली कार ड्राइवर उसे लेकर अचलेश्वर की तरफ भागने लगा। ड्राइवर ने हड़बड़ाहट में स्पीड बढ़ा दी। कार सड़क पर मौत बनकर लहरा रही थी। कार ने पहले एक बाइक नंबर एमपी07एमबी5010 पर सवार दो युवकों को टक्कर मारी। इसके बाद एक अन्य बाइक में कट मारते हुए रेलिंग से जा टकरा गई। इससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
कार में सवार लोग फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया। हादसे में कार सवार नरेन्द्र पटेरिया, बाइक सवार प्रेमचन्द्र निवासी कृष्णा कॉलोनी व किशोर अहिरवार मुरार घायल हुए हैं।
महिला कर रही थी टेस्ट ड्राइव
पुलिस ने कार को जब्त कर थाने में रखवा दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, घटना के समय कार को महिला चला रही थी। वह टेस्ट ड्राइव कर रही थी। साथ में परिवार के और भी सदस्य बैठे थे। पुलिस ने कार के नंबर से परिवहन विभाग की वेबसाइट पर सर्च किया है। यह कार किसी नंदराम सिंह निवासी महाराणा प्रताप नगर के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है।
टला बड़ा हादसा, बची कई लोगों की जान
जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय अचलेश्वर मंदिर रोड पर चहल-पहल थी। सावन महिला चल रहा है, तो मंदिर पर रात तक भीड़ रहती है। मंदिर भी बीच सड़क पर बना है। ऐसे में कहीं कार मंदिर की तरफ आ जाती, तो कई लोगों की जान पर संकट आ सकता था। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।