डॉ. को धमकाकर टैरर टैक्स मांगने वाला युवक दबोचा

Aug 20 2021

ग्वालियर। इंटरनेशनल काल कर डा अमित थावरानी को धमका कर 10 लाख रुपये का टैरर टैक्स मांगने वाले प्रदीप माखीजा को क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया। आरोपित ने इंटरनेशनल काल एक एप डाउन लोड कर किया था। आरोपित को पिछला कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। आरोपित सीसीटीवी कैमरे के कारोबार से जुड़ा है। जल्द ही पैसा कमाने के लालच में उसने काल किया। इस काल व मैसेज से पिछले एक महीने से डा थावरानी का परिवार दहशत में था।
एसपी अमित सांघी ने बताया कि जवाहर कालोनी निवासी डा अमित थावरानी की अच्छी प्रेक्टिस है। उनके मोबाइल नंबर एक इंटनरनेशन काल आया। काल करने वाले व्यक्ति ने डा थावरानी को पूरे परिवार को मारने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की मांग की थी। आरोपित एक मैसेज भेजकर आरोपित को धमकाया कि तेरा परिवार जयपुर बहुत जाता है। जयपुर में डा थावरानी की ससुराल है। बच्चे अक्सर जयपुर जाते रहते हैं। धमकी देने वाले व्यक्ति के इंटरनेशनल काल का उपयोग करना और दूसरा परिवार की जानकारी होने से डाक्टर व उनका परिवार दहशत में था। डा थावरानी ने धमकीभरा मैसेज व काल आने की जानकारी एसपी को दी थी। एसपी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने धमकी देने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था
सायबर क्राइम टीम कर रही थी पड़ताल
एसपी के निर्देश पर डीएसपी विजय भदौरिया, रत्नेश तोमर की निगरानी में सायबर प्रभारी निरीक्षक नरेश गिल, क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी पप्पू यादव, धर्मेंद्र शर्मा, हरेंद्र सिंह, महावीर सिंह, आरक्षक शिवशंकर शर्मा, नवीन पाराशर, सुनील शर्मा, सुमित भदौरिया, श्याम मिश्रा, गौरव, पवार, सुनीता कुशवाह को लगाया गया। इस टीम ने इंटरनेशल काल को ट्रेस करने पर पता चला कि यह काल एप के माध्यम से किया था। पुलिस धमकीभरा मैसेज भेजने वाले प्रदीप माखीजा निवासी जनककंज को पकड़ लिया।
सीसीटीवी कैमरा ठीक करने आया था
 डीएसपी विजय भदौरिया ने बताया कि आरोपित प्रदीप माखीजा कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। वह सीसीटीवी कैमरे ठीक करता है। डाक्टर थावरानी के घर भी सीसीटीवी कैमरे ठीक करने के लिए गया था। आरोपित की दिमाग उसी समय यह बात आ गई कि वह डाक्टर को धमकाकर आसानी से पैसा वसूल सकता है। उसने गुगल सर्च कर पता चला कि उसका नंबर कैसे ट्रेस नहीं होगा। सर्च करने पर आरोपित को पता चला कि ऐसे कई एप हैं, जिसको लोड कर काल करने पर काल इंटरनेशनल शो करता है। ऐसे काल का इस्तेमाल ठग करते है। प्रदीप को भी भरोसा था कि कभी उसका काल पुलिस ट्रेस नहीं कर पाएगी। जब प्रदीप को मालूम पड़ा कि डा थावरानी ने पैसा देने की बजाए प्रकरण दर्ज दिया था। तो वह भी काफी डर गया। मामले को रफा-दफा करने के लिए उसने फिर कोई मैसेज डाक्टर थावरानी को नहीं भेजा। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर पता लगा रही है कि उसके पास डाक्टर व उनके परिवार के संबंध में जानकारी कैसे जुटाई।