झंडे की रस्सी बदलते समय क्रेन का जैक टूटा, 3 कर्मचारियों की मौत

Aug 14 2021

ग्वालियर। शनिवार सुबह 60 फीट ऊंचे डाकघर भवन पर राष्ट्रीय ध्वज की रस्सी बदलते समय हादसा हो गया। इसमें 3 कर्मचारियों की मौत हो गई और 1 गंभीर रूप से घायल है। झंडे की रस्सी बदलने के लिए कर्मचारी क्रेन पर चढ़े ही थे। अचानक क्रेन का जैक टूट गया और क्रेन की ट्रॉली पलट गई। ट्रॉली में 4 कर्मचारी थे। सभी सिर के बल पहली मंजिल की छत पर गिर गए। मृतकों में 2 नगर निगम के दमकल विभाग के कर्मचारी हैं और एक डाकघर का चौकीदार है।
हादसे के बाद लोग चारों कर्मचारियों को आनन-फानन में जय आरोग्य अस्पताल (जेएएच) के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलते ही प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट भी घटना स्थल पहुंचे। घटना के बाद से कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला है।
शहर के महाराज बाड़ा में हर साल स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक भवनों पर लाइटिंग और सजावट की जाती है। पुराने डाकघर पर झंडा फहराया जाता है। झंडा तो यहां लगा था, लेकिन उसकी डोरी खराब थी। इसे ठीक कराने के लिए डाकघर के चौकीदारी विनोद कुमार शर्मा ने नगर निगम कार्यालय पर सूचना दी थी। दमकल के कर्मचारी 52 मीटर ऊंचाई वाली बड़ी क्रेन लेकर बाड़ा पहुंचे थे।
क्रेन को साइड में खड़ी कर उसकी ट्रॉली में दमकल कर्मचारी प्रदीप राजौरिया, कुलदीप डंडौतिया, डाकघर चौकीदार विनोद शर्मा सहित 4 लोग खड़े थे। वह ट्रॉली में सवार होकर झंडे तक पहुंचे ही थे कि जिस जैक पर क्रेन खड़ी थी वह टूट गया। इससे क्रेन पलट गई। क्रेन के पलटते ही ट्रॉली सहित सभी कर्मचारी नीचे आ गिरे। स्थानीय लोगों ने पुलिस, नगर निगम को सूचना दी। तत्काल पुलिस वहां पहुंची और लोगों की मदद से घायलों को निकालकर एंबुलेंस से जेएएच के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
अस्पताल में 3 की मौत की पुष्टि हुई
घायलों को लेकर अस्पताल पहुंचे पुलिस अफसर ने बताया कि हादसे में प्रदीप राजौरिया, विनोद कुमार शर्मा और कुलदीप डंडौतिया की सिर पर चोट लगने से मौत हो गई। एक कर्मचारी की हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना से कर्मचारियों में आक्रोश, हंगामा किया
घटना के बाद नगर निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और अपने साथियों की इस तरह हुई मौत पर आक्रोश जताया। उनकी नगर निगम के अफसरों से बहस भी हुई।
हादसे के बाद स्पॉट पर पहुंचे नगर निगम ग्वालियर के प्रभारी आयुक्त मुकुल गुप्ता को आक्रोशित भीड़ में शामिल वकील मनोज शर्मा ने चांटा मार दिया। इसके बाद पुलिस ने मनोज को हिरासत में ले लिया। वे इससे पहले एसडीएम पर गोरखी परिसर में हमला कर चुके हैं।
फायर ऑफिसर से भी मारपीट
दमकल कर्मचारियों ने जेएएच पहुंचे दमकल के फायर ऑफिसर उमंग प्रधान के साथ भी मारपीट की। उन्होंने आरोप अनट्रेंड स्टाफ को क्रेन पर चढ़कर काम कराने का आरोप लगाया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद महाराज बाड़ा पर परिजनों और आसपास के लोगों ने हंगामा मचना शुरू कर दिया। यहां फड़ लगाने वाले दुकानदारों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी एक बाद के्रन खराब हो चुकी थी। लोगों ने पूरी गलती नगर-निगम के अधिकारियों पर इंगित की।
तुलसी सिलावट पहुंचे घटनास्थल पर
प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट महाराज बाड़ा पहुंच गए। यहां उनके साथ एसपी अमित सांघी और अन्य प्रशासिनक अधिकारी मौजूद रहे। यहां उन्होंने पूरा घटनाक्रम लोगों से समझा। वहीं वे जयारोग्य अस्पताल में भी पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी लेने के साथ ही घायल कर्मचारी के उपचार के पर्याप्त इंतजाम करने के भी निर्देश दिए हैं। यहां मृतकों के परिजनों का बुरा हाल था। उन्होंने परिजनों से कहा कि आपकी हरसंभव मदद की जाएगी, और इस घटना की जांच भी बैठाई जाएगी। 
कुलदीप मुरैना का रहने वाला था, बाकी यहीं रहते थे
बताया जाता है कि कुलदीप दंडौतिया मुरैना का रहने वाला था। वह मुरैना से रोजाना अप-डाउन करता था। वहीं प्रदीप राजोरिया और विनोद शर्मा स्थानीय थे। तीनों की मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को लगी तो वे सन्निपात की स्थिति में आ गए। कुलदीप के परिजन भागे-भागे मुरैना से आए। वहीं अन्य मृतकों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। तीनों का भरा-पूरा परिवार है। 
मृतकों को अभी 50-50 हजार, बाद में चार लाख और परिजनों को नौकरी: ऊर्जा मंत्री
सभी मृतकों के शव महाराज बाड़ा पर परिजनों ने रखकर चकाजाम लगा दिया। दोषियों को सजा दी जाए। मौके पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युन सिंह तोमर ने परिजनों को 50-50 हजार रुपए, उसके बाद शासन की तरफ से चार-चार लाख रुपए और मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
तनाव को देखते पुलिस तैनात
कर्मचारियों की मौत का पता चलते ही अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और बिना किसी सुरक्षा तथा अस्थायी नियुक्ति के काम कराने व मौके पर अफसरों के ना आने से आक्रोशित हो गए और तनाव को देखते हुए भारी बल तैनात किया गया। 
प्रभारी मंत्री ने दी सात्वना
घटना का पता चलते ही प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट, संभागायुक्त आशीष सक्सैना, आईजी अविनाश शर्मा, कलेक्टर कौशलेन्द्र बिक्रम सिंह, एसपी अमित सांघी, अन्य अफसर व आस-पास के थानों का बल मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य में लग गया। 
स्ट्रेचर पर शवों को रखा, धकेलकर ले गए बाड़ा, लगाया जाम, मंत्री के आश्वासन के बाद गुस्सा हुआ शांत
 हाइड्रोलिक हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने पहले हॉस्पिटल रोड पर जाम लगाया। इसके बाद शवों को स्ट्रेचर पर रखा और महाराज बाड़ा तक धकेलकर ले गए। बाड़े पर तिरपाल लगाकर शवों को रख दिया और जाम लगा दिया। हंगामे की जानकारी मिलते ही प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट एवं ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मौके पर पहुंचे। आर्थिक सहायता के साथ ही अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब लोगों का गुस्सा शांत हुआ। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भितरवार में कहा कि इस घटना में जांच होना चाहिए, साथ ही जिनकी मौत हुई है, उनको मुआवजा देना चाहिए।
गुस्साए परिजनों ने जब शवों को स्ट्रेचर पर रखकर महाराज बाड़ा ले जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान एक शव को तो पुलिस ने डेडहाउस पहुंचा दिया, लेकिन बाकी दो शवों को स्वजन बाड़ा ले जाने में कामयाब हो गए। स्वजनों ने शवों को विक्टोरिया मार्केट के सामने रखकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक हंगामा चला और तब तक बाड़ेे पर वाहनों के चक्के जाम हो गए। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने हंगामा होते देख ट्रैफिक डायवर्ट करने का प्रयास किया, लेकिन जो वाहन फंस गए थे, उनको निकालना खासा परेशानी का सबब बन गया।
मंत्री पहुंचे तब शांत हुआ हंगामा
प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट एवं ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के परिजनों को तत्काल पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है। साथ ही आर्थिक सहायता का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने का भी आश्वासन दिया है। वहीं मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी की भी घोषणा की गई है। इसके अलावा दमकल विभाग के नोडल अधिकारी एवं फायर आफिसर उमंग को भी तत्काल हटाने के आदेश दे दिए हैं। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और वह शव लेकर घर के लिए रवाना हुए।