रिटायर्ड फौजी के लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या करने के कारण को लेकर उलझी पुलिस

Aug 10 2021

ग्वालियर। पिंटो पार्क पर स्थित शिवकालोनी में रिटायर्ट फौजी मनीष पांडे ने लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने शव का डाक्टरी परीक्षण कराया, लेकिन अब तक की जांच में आत्महत्या का कारण सामने नहीं आ पाया है। मनीष पांडे माता-पिता की रजामंदी से ससुराल में रहते थे। क्योंकि मनीष व पत्नी के पिता गहरे दोस्त थे। दोस्ती को रिश्तेदारी बदलने के लिए मनीष के ससुर ने उनके पिता से मांग लिया था। 35 साल के मनीष सेना से रिटायर्ड होने के बाद एसआई की तैयारी कर रहे थे। कुछ दिन पहले प्राइवेट जॉब के लिए इंटरव्यू देने के लिए गए थे। इसी जॉब के लिए थाने में जमा पिस्टल लेकर आए थे। उसी पिस्टल से रात में कनपटी में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
सोमवार की रात को कमरे में खाना खाने के बाद मनीष पांडे ने लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को कमरे में शव के पास ही पिस्टल पड़ी मिली थी। कमरे में खाने के झूठे वर्तन में रखे हुए थे। इसी कमरे की अलमारी में मनीष पांडे अपनी लाइसेंसी पिस्टल रखते थे। रात में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद शव को पीएम के लिए डेड हाउस पहुंचा दिया था। मंगलवार की सुबह गोला का मंदिर थाना पुलिस ने घरवालों की मौजूदगी में शव का डाक्टरी परीक्षण कराने के बाद स्वजन को सौप दिया।
आत्महत्या को कारण को लेकर घरवाले भी परेशान
शव परीक्षण के दौरान डेड हाउस पर मौजूद नाते-रिश्तेदारों के अलावा परिवार के नजदीकी लोगों के सामने एक ही सवाल था कि किस परेशानी के कारण मनीष ने आत्महत्या की। सेना से रिटायर्ड होने के बाद प्रॉपर्टी का काम कर रहे थे। कुछ दिन पहले प्राइवेट जॉब के लिए साक्षात्कार भी देकर आए थे। इसके अलावा एसआई की तैयारी के लिए पढ़ाई भी कर रहे थे। कोचिंग भी लगा रखी थी। उनके दो बच्चे हैं। टैक्सी के रूप में चलाने के लिए कुछ माह पहले इनोवा भी खरीदी थी। आखिर किस कारण से मनीष पांडे आत्महत्या के लिए मजबूर हुए। इसी सवाल के जवाब के लिए पुलिस ने मर्ग कायम कर पड़ताल शुरू कर दी है।