कभी शातिर बदमाश शहर पुलिस के सिर पर नाश्ता था, अब पुलिस की गोद में बैठकर गया जेल

Aug 10 2021

ग्वालियर। कभी आपने सुना या देखा है कि किसी शातिर बदमाश को पुलिस गोद में लेकर कोर्ट में पहुंची और उसे वहां से जेल भेजने के आदेश पर गोद ही में उठाकर जेल तक छोड़ा हो। हां ग्वालियर में ऐसा हुआ है। हजीरा के शातिर बदमाश विशाल कुशवाह को पुलिस ने इसी तरह कोर्ट में पेश किया और जेल भी छोड़कर आई।
पर यह पुलिस का एक बदमाश पर लाड़ नहीं बल्कि मजबूरी थी। कुछ महीने पहले हुए रोड एक्सीडेंट में बदमाश का एक पैर कट गया है। इस कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ है। यही वजह रही कि पुलिस उसे गोद में लिए-लिए घूम रही है। हजीरा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। उसकी तलाश हत्या, हत्या के प्रयास, लूट व छेड़छाड़ जैसे एक दर्जन मामलों में थी।
हजीरा थाना पुलिस को काफी समय से इन्द्रानगर तेली वाली बगिया निवासी शातिर बदमाश विशाल पुत्र राधाकृष्ण कुशवाह की तलाश थी। करीब एक साल से वह गायब था। ग्वालियर और हजीरा में उसके खिलाफ छेड़छाड़ से लेकर लूट और हत्या तक के मामले दर्ज हैं। पर वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। लंबे समय से फरार होने पर उसका गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका था। इसी बीच हजीरा थाना प्रभारी अलोक सिंह परिहार को विशाल के बारे में पता लगा कि वह अपने ही घर से नशे की सामग्री का धंधा करने लगा है। इस पर एएसआई शैलेन्द्र सिंह चौहान को निगरानी के लिए कहा गया। हजीरा शैलेन्द्र सिंह की निगरानी में हजीरा पुलिस की टीम ने आरोपी विशाल कुशवाह को गिरफ्तार किया तो एक और सच्चाई सामने आई है।
कुछ महीने पहले एक्सीडेंट में कट चुका है पैर
फरारी के दौरान विशाल का कुछ महीने पहले किसी दूसरे शहर में एक्सीडेंट हो गया था। जिसमें उसकी एक टांग काटनी पड़ी थी। जब से पैर कटा था वह ग्वालियर में रह रहा था। बड़ा क्राइम नहीं कर सकता था तो उसने नशे का धंधा शुरू कर दिया था।
गोद में लेकर कोर्ट की दूसरी मंजिल फिर जेल गई पुलिस
अब बदमाश को तो पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन उसे कोर्ट में पेश कैसे करे यह चुनौती थी। इस पर पुलिस जवानों ने उसे गोद में उठाकर गाड़ी में बैठाया फिर जिला कोर्ट लेकर पहुंचे। यहां गोदी में लेकर उसे कोर्ट की दूसरी मंजिल तक पहुंचे। जज के सामने पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस उसे लेकर जेल गेट पर पहुंची और यहां से भी गोदी में उठाकर अंदर तक छोड़कर आई। शातिर बदमाश की गिफ्तारी से लेकर जेल भेजने तक पुलिस के जवान पसीना-पसीना हो गए। इस मामले ने एक बड़ी खामी को उजागर किया है। सवाल उठता है कि क्या थाने व कोर्ट में व्हील चेयर की व्यवस्था होनी चाहिए।
क्या थानों में व्हीलचेयर होनी चाहिए
रेलवे स्टेशन व बस स्टेंड लेकर सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था होती है। दिव्यांग वारंटी विशाल को पकडऩे के बाद एक सवाल ने जन्म लिया कि क्या थानों में दिव्यांगों की सहुलियत के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था होनी चाहिए। क्योंकि थाने में दिव्यांग शिकायत करने भी आते हैं। कुछ थानों की सीढिय़ों चढऩा दिव्यांगों के लिए मुश्किल होती है। अन्य सार्वजनिक स्थानों की तरह थानों में भी दिव्यांग लोगों की मदद के लिए व्हील चेयर की व्वस्था होनी चाहिए। विशाल कुशवाह को पकडऩे वाले एएसआइ शैलेंद्र सिंह चौहान ने स्वीकार किया कि पहली बार एक दिव्यांग अपराधी को पकडऩे के बाद थाने में भी व्हील चेयर की जरूरत महसूस हुई। क्योंकि अपराधी को जवानों को गोदी में लिए घूमना पड़ा।
आलोक परिहार, थाना प्रभारी हजीरा का इस बारे में कहना है कि एक दर्जन मामलों में फरार आरोपी को पकड़ा है। एक हादसे में आरोपी का पैर कट गया था। जिसके चलते उसे पुलिसकर्मियों को गोद में लेकर जाना पड़ा। आरोपी को जेल पहुंचा दिया है।