सिद्देश्वर मंदिर प्रांगण में लगेंगें 501 पेड़

Aug 08 2021

ग्वालियर। ग्वालियर के फेफड़े संस्था द्वारा एक प्रेसवार्ता होटल प्रहलाद इन में आयोजित की गई। जिसमें संस्था के पधादिकारीयों ने बताया कि ग्वालियर के घाटीगांव वनक्षेत्र में स्थित तिघरा जलाशय के केचमेंट एरिया जो कि लगभग एक लाख बीस हजार हेक्टेयर में स्थित है धीरे-धीरे वन माफिया के अवैध उत्खनन के कारण नष्ट हो रहा है। तथा वहां का जंगल समाप्ती की और है। जिसके कारण से ग्वालियर के निवासियों को हर वर्ष पानी के लिये तिलतिल करके मरना होता है। हर वर्ष वरसात आने पर तिघरा का जल स्तर बढ़ेगा की राह देखना पड़ती है। लेकिन न तो बादल आते हैं और न ही वारिश होती है । सके कारण ही हमेशा की तरह हर वर्ष पानी की आपूर्ति न होने कारण नागरिको को एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है। 
इसी सोच के चलते ग्वालियर के कुछ प्रबुद्ध नागरिकों ने ग्वालियर के फेफड़े एक संस्था का गठन किया जिसके अंतर्गत ग्वालियर जिले में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिये घाटीगांव वनपरिक्षेत्र एरिया को चुना गया। जिसमें ग्वालियर के लिये पानी की आपूर्ति हेतु सिंधिया राजवंश ने उस जमाने में मात्र पांच लाख लोगों के लिये पानी की आपूर्ति करने हेतु डेम का निर्माण किया था। जबकि अब ग्वालियर की आवादी लगभग बीस लाख से ऊपर हो चुकी है। डेम की क्षमता के अनुसार पानी की किल्लत होना लाज़मी है। देश की आज़ादी के 67 साल बाद और मध्यभारत के बाद प्रदेश को लगभग 45 वर्ष हो चुके हैं। उसके बाद भी प्रदेश मेे कई सरकारें आई और गई कभी कांग्रेस और कभी भाजपा यहां तक की भारत के सपूत अटल बिहारी बाजपेई भारत के प्रधानमंत्री भी बने लेकिन दुर्भाग्य से ग्वालियर जिले में एकमात्र पानी की आपूर्ति का डेम तिघरा जिसका आजतक विस्तार नहीं हो सका। उसके कारण पूरा जिला और उसके नागरिक हर वर्ष पानी के लिये त्राही त्राही करते नजऱ आते हैं। जबकि हर पांच साल के बाद होने वाले चुनाव में राजनैतिक पार्टियां तिघरा में पानी लाने का लुभावना वायदा कर योजनाएं बनाने के नाम पर बोट कबाड़ते हैं। और सरकार बनते ही अपने वायदे भूल जाते हैं। और जनता अपना बोट देकर भी ठगी सी नजऱ आती है। इसी सोच को लेकर ग्वालियर के फेफड़े संस्था उक्त क्षेत्र में पांच साल के अंदर लगभग 20 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य तय कर। न्यायाधीश आनंद पाठक के मुख्य आतिथ्य में 501 पौधे सिद्धेश्वर मंदिर गोले का मंदिर के पास, भिण्ड रोड पर पौधरोपड़ कर शुरूआत करने जा रही है। संस्था द्वारा शहर के गणमान्य नागरिकों तथा राजनेताओं से अपील करती है कि इस अभियान में सहयोग कर ग्वालियर के संक्रमित फेफड़ों को पोधारोपण कर बचाने में अपना अमूल सहयोग प्रदान करें और ग्वालियर शहर को ऑक्सीजन की कमी से बचाने मं सहयोग करें।