भगवान से मिलने को मन का सरल होना जरूरी : संत गोपालदास

Aug 06 2021

ग्वालियर। माधव बाल निकेतन एवं वृद्धाश्रम में आज भगवतकथाचार्य संत गोपाल दास महाराज ने कहा कि भगवान को छल पसंद नहीं है कपट पसंद नहीं है। भगवान को सिर्फ सरल भाव पसंद है। जो नित्य वृद्धों की सेवा करते है वह अपने लिए पुण्य संचित करते है। अगर कोई किसी को भगवान की कथा सुनता है या सुनवाता है, वह भी पुण्य का भागीदार होता है। जीवन में जो मानव जैसा कर्म करेगा वो उसी कर्म के हिसाब से पहचाना जाएगा।
गोपाल दास महाराज ने मोह इतनी जल्दी नहीं मिटता उसे तप और भगवान की आराधना से जलाना और मिटाना पड़ता है। माया ज्ञानियों के मन में भी मोह भर देती है। हम ईश्वर से जितना संबध रखेंगें ईश्वर भी हमसे उतने ही जुड़ेंगें। मोह लोभ को अपने से दूर रखते हुए कई सनातन कथाएं विस्तृत रुप से वृद्धों एवं संस्था पदाधिकारियों एवं भक्त जनों को संत जी ने हमारा नहीं कोई भी तेरे बिन राम........सहित कई भजन गाकर परिसर में मौजूद वृद्धों, संस्था पदाधिकारीयों सहित सभी को आत्म विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि मन को जहां जाना है जाए परंतु प्रभू चरणों का स्मरण हमेशा रहना चाहिए । जिसने भवसागर में फंसाया है वही हमको तारेगा। सत्संग से पहले संस्था परिसर में स्थित माता का पूजन संत गोपाल दास जी द्वारा किया गया।
इसके बाद संस्था पदाधिकारियों द्वारा गोपाल दास को शाल श्रीफल देकर उनका पूजन किया। गुरु ने भक्त और भगवान के संबंध में बहुत सी कथाओं का वर्णन किया। इस अवसर पर माधव बाल निकेतन एवं वृद्ध आश्रम के चेयरमैन नूतन श्रीवास्तव, अध्यक्ष पवन भटनागर, सुनील श्रीवास्तव, मनोज दुबे, अनूप श्रीवास्तव, श्याम श्रीवास्तव, सीमा ससेना, निष्ठा सिंह, अमन श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, शुभम त्रिपाठी, पुष्पा तिवारी, उमा शर्मा, सहित हमारे आसपास के भक्तजन भी एकत्र थे।