इंद्र हुए मेहरबान तो झड़ी लग गई

Aug 02 2021

ग्वालियर। शहर पर अब पूरी तरह इंद्र देवता मेहरबान हैं, रविवार रात से जारी बरसात का सिलसिला यदा-कदा कुछ धीमा जरूर पड़ता रहा, लेकिन सुबह से फिर लगातार जारी बरसात से शहर तो तरबतर हुआ ही, लोगों के तन-मन भी बदली फिजा से पुलकित हैं, यही नहीं जहां एक पखवाड़े पहले तक सूखे की आशंका ने शहर और गांवों के वाशिंदों के चेहरों पर शिकन ला दी थी, वहीं अब हालात यह हैं कि लगातार सावन की झड़ी के बाद औसत आंकड़े को भी क्रेक कर पिछले पांच साल की मानसूनी बरसात का भी रिकार्ड तोड़ दिया है।
सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 57.4 मिलीमीटर बरसात दर्ज हो गई, जबकि मेघ लगातार अपने काम को अंजाम देने में जुटे हैं। हालात यही रहे तो आने वाले एक पखवाड़े के भीतर बरसात का आंकड़ा पूरा हो जाएगा। कुल औसत बरसात के लिए महज 355.2 मिलीमीटर की और जरूरत है।
पिकनिक मनाने पहुंचे लोग
रात में ही मौसम ने साफ संकेत दे दिए थे, ऐसे में आज सुबह से ही लोगों के मन की मुराद पूरी हुई और वह अपने वाहनों के साथ ही किराए के वाहनों में सवार होकर पिकनिक का मजा लेने जलाशयों, पहाड़ों और किले पर पहुंच गए। भदावना भले ही शहर से चालीस किलोमीटर दूर हो, लेकिन यहां सुबह से ही हालात यह बन गए कि लोगों को गाड़ी पार्क करने के साथ ही अपनी रसोई बनाने के लिए जगह तलाशने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, महिलाओं की संख्या भी यहां खूब थी। उधर तिघरा पर भी पिकनिक पसंदों ने सुबह जल्दी ही पहुंचकर जगह आरक्षित करनी शुरु कर दी थी, जो देर से पहुंचे वह परेशान होते रहे। किले पर युवाओं का कब्जा रहा। बरसात का असर ट्रेनों की स्थिति पर देखने को मिला जिसके चलते शताब्दी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे और बुंदेलखंड 4 घंटे देरी से पहुंची।
भुट्टे से लेकर सवारी तक महंगी
भले ही कोरोना काल में घर बैठना पड़ा हो, लेकिन बरसात ने शहरी यातायात के साधन मसलन टेंपो, ऑटो और टमटम वालों की तो खूब निकल पड़ी, इनके द्वारा जहां तिघरा के लिए प्रति सवारी 100 रुपए तक वसूले, वहीं तिघरा पर पार्किंग के नाम पर दो पहिया वाहनों से 20 से 30 और चारपहिया वाहनों से 50 से 80 रुपए तक वसूले जा रहे हैं।
जहां शहर में कच्चे भुट्टे 20 रुपए किलों हैं, वहीं तिघरा पर यह 40 से 50 रुपए में भुने भुट्टे मिल ही रहे हैं, वहीं पैंक्ड फूड के भी दोगुने दाम लिए जा रहे हैं, लेकिन पिकनिक की मस्ती में लोगों को इससे भी गुरेज नहीं है।