सुबह से हो रही बारिश, शहर हुआ पानी-पानी, तिघरा का बढ़ा जल स्तर

Jul 28 2021

 ग्वालियर। बुधवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त देखने को मिल रहा है। जिनको काम था या नौकरी पेशा लोगों को भीगते हुए सड़कों से निकलना पड़ा। इधर कई लोग घरों से भी नहीं निकले। बारिश से जहां व्यापारियों के व्यवसाय पर असर पड़ा, वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे। बारिश से नगर-निगम के सफाई-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी।
उधर सड़कें भी पानी और कीचड़ से सराबोर हो गई, जिससे राहगीरों को चलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सुबह बारिश होनी शुरू हुई तो देर शाम तक थमने का नाम नहीं ले रही थी। लोग बाजार में कम दिखाई दिए। शहर की सड़कों की हालत ऐसी हो गई थी कि उस पर राह चलना मुश्किल हो गया। तिघरा में भी जल स्तर बढ़ गया है। अगर ऐसी बारिश जारी रही तो दस से 15 दिन का पानी का स्टॉक हो जाएगा। अब तक 253 एमएम बारिश हुई है।
अब लग रहा है कि मानसून आ गया
जिले में दो दिन से रुक-रुक हुई बरसात ने पहली बार लोगों को मानसूनी बारिश का अहसास कराया। उपनगर में सड़कें जहां कीचड़ से सन गई और जल- जमाव से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
किसानों का कहना है कि यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी है। खेतों में दरार पड़ गई है। उधर उपनगरग्वालियर में जल- जमाव से लोग परेशान हैं। लश्कर के कई क्षेत्रों और कॉलोनी में जल जमाव से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। सुबह से हो रही बारिश में कई निचले मोहल्लों के घरों में पानी भर गया। घरों में जाने के लिए लोगों को बरसाती व घरों के गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन, गोरखी परिसर, विद्युत उपकेंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल-जमाव से लोग परेशान रहे। मौसम विभाग के अनुसार अभी मानसून के बादल अंचल में हावी रहेंगे और अगले 24 घंटे विषेशकर रात को जमकर बारिश होगी। रात को लोगों को ठंड का भी रात को अहसास होगा। 
सरकारी कार्यालयों का कामकाज भी प्रभावित 
लगातार बारिश के कारण जनजीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लोग घरों में दुबके रहे, जिससे मुख्य बाजारों में सन्नाटा रहा। आज स्कूल खुलने पर छात्रों की उपस्थिति कम ही रही। सरकारी गैर सरकारी कार्यालयों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। 
फसलों के लिए अमृत वर्षा
किसानों के चेहरे से गायब हुई मुस्कान लौट आई है। फसलों में रौनक दिखी। किसानों को कहना था कि आसमान से पानी बूंद नहीं बल्कि फसलों के लिए अमृत वर्षा हुई है।
इधर दिहाड़ी मजदूरी कर कमाने खाने वालों को भी काम न मिलने से मुश्किल उठानी पड़ रही हैं। बीते एक महीने से बारिश नहीं होने से परेशान किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। पिछले सप्ताह से बारिश शुरू हुई, तो किसानों ने रुकी पड़ी खरीफ की बुवाई तेजी से पूरी की है। बताया जाता है कि किसानों ने एक सप्ताह में ही बुवाई का लक्ष्य 87 प्रतिशत पूरा कर लिया है। दो से तीन दिन में खरीफ की बुवाई पूरी हो जाएगी।