रात भर रिमझिम ने लगाया गर्मी पर मरहम

Jul 18 2021

ग्वालियर। तेज धूप से उपजी लंबी झुलसन, उमस और गर्म हवा पर शनिवार रात को बरसात के वार के साथ ही अचानक बदले मौसम और सुबह से छाए घने बादलों व शीतल बयार ने तपती धरा पर मरहम का काम किया। इससे गर्मी से उकताए लोगों के चहरों पर चमक आ गई और लंबे समय बाद जनजीवन सामान्य दिखाई दिया। पिकनिक पसंदों के लिए तो जैसे मुंह मांगी मुराद मिल गई, हालांकि अब तक मौसम विभाग के अधिकारिक आंकड़ों को मौसम का मिजाज हर बार पटखनी दे रहा है,
मौसम विभाग ने 21 जुलाई के बाद मानसून के सक्रिय होने की बात कही थी तो लोगों को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन कल सुबह से तेज गर्मी के बाद बादल छाए और गरज के साथ जमकर बरसे भी तो फिर मौसम पर लगने वाला अविश्वास का आरोप भी सही साबित हो गया। जिसका उपयोग कवि अधिकांशत: अपनी कविताओं में करते रहे हैं। कुल मिलाकर लब्बो लुबाब यह कि लोगों को फिलवक्त गर्मी से राहत मिल गई, बरना भरे मानसूनी सीजन में गर्मी का जो कहर था, उसे झेलना भारी पडऩे लगा था, पारा लगातार ऊपर जा रहा था। बरसात हुई तो फिर नमी में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हो गई।
मौसम के जानकारों की मानें तो यह बदलाव स्थायी नहीं है, लेकिन एक दो रोज राहत जरूर देगा। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम जमकर अंचल को तरबतर कर सकता है। फिलहाल दिल्ली के पास बने एक सिस्टम का असर ग्वाालियर तक पहुंचा है जो 24 घंटे बना रहेगा, वहीं पूर्वी राजस्थान में बनी द्रोणिका भी असर दिखा रही है, उधर अरब सागर में शुरु हुई मानसूनी गतिविधियों के चलते लगातार नमी में इजाफा हो रहा है। जिसके चलते आद्र्रता 85 प्रतिशत पहुंच गई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज होगी। 
मौसम और मौका एक साथ
इधर मस्त मौसम का सपना पाले लगातार आसमान को ताक रहे पिकनिक पसंदों को तो मौसम और मौका एक साथ मिल गया, जहां रविवार का सरकारी अवकाश था, वहीं मौसम भी मस्त है, ऐसे में लोगों ने रात में ही सुबह की प्लानिंग तैयार कर ली थी, तब सुबह ही वह अपने मित्रों और परिवार के साथ दो पहिया और चार पहिया वाहनों से पिकनिक स्पॉटों की ओर कूच कर गए, हालांकि कोरोना के चलते वह ज्यादा एंजॉय नहीं कर पा रहे, लेकिन तिघरा, देव खो, किले पर लोगों की अच्छी भीड़ पहुंच गई है।
तिघरा का नजारा थोड़ा भिन्न है, पहले होता यह था कि लोग कच्चा सामान ले जाकर वहीं पर मन पसंद व्यंजन तैयार करते थे, लेकिन कोरोना के चलते इस पर रोक है, ऐसे में लोग घर या बाजार से ही व्यंजन तैयार कर ले गए हैं।