आसमान साफ, बादल गायब, पारा बेकाबू

Jul 16 2021

ग्वालियर। मानसून का सीजन होने के बाद भी आसमान से बादल पूरी तरह से गायब है। जुलाई के महीने में जहां बारिश की झमाझम देखने को हर साल मिलती है इस साल इन्द्रदेवता ऐसे रूठे हैं, कि आसमान से बीते एक पखवाड़े में महज 23 मिमी बारिश ही अब तक मौसम विभाग के आंकड़ों में दर्ज की जा सकी है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार अंचल में कोई भी सिस्टम नहीं होने के कारण बारिश के लिए दो दिन और इंतजार अंचलवासियों को करना पड़ेगा। अंचल से मानसून इस बार रूठ-सा गया है। जुलाई महीने के पहले पखवाड़े में अभी तक अपेक्षित बारिश तो दूर आसमान में बादलों का नामोनिशान तक नहीं है। वहीं मौसम विभाग का कहना है कि झमाझम बारिश के लिए आगामी 24 से 48 घंटे और इंतजार करना होगा। 
सुबह से ही उमस ने किया बेहाल
बीते दो दिनों से लगातार अधिकतम व न्यूनतम पारे में हो रही बढ़ोतरी के साथ ही वातावरण में नमी कम होने के कारण घरों में घुसी उमस लोगों को गर्मी से बेहाल किए हुए है। उमस व सूरज की तपिश लोगों को सुबह आठ बजे से ही भीषण गर्मी का अहसास करा रही है। दिन चढऩे के साथ ही गर्मी व उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। चिपचिपी गर्मी के आगे पंखे-कूलर की हवा बेदम है। वहीं हवा का रूख बदलने के कारण दोपहर तक राजस्थान से आ रही गर्म हवा लोगों को परेशान करती रही। 
नमी सूखते ही पारे की बदली चाल
वातावरण में नमी कम होने से आसमान साफ होने लगा है। इस वजह से दिन के तापमान में रोजाना इजाफा हो रहा है। शहर का अधिकतम तापमान बीते दो दिन में छह डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। उधर बीच- बीच में लोकल हीटिंग से निर्मित सिस्टम के चलते वातावरण में उमस का बढऩा लगातार जारी है।
चार सिस्टम पर बारिश नहीं
मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में अलग स्थानों पर चार मौसमी सिस्टम बने हुए हैं। इन सिस्टमों के बीच से एक टर्फ लाइन गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिणी छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है। पूर्वी-पश्चिमी टर्फ लाइन विदर्भ से होकर गुजर रही है, इसके कारण पांच दिन पहले अंचल में बना मानसून एक्सिस दक्षिण में शिफ्ट होने के कारण अंचल में बारिश नहीं हो पा रही है। सत्रह जुलाई के बाद मानसून एक्सिस के अंचल में पुन: सक्रिय होने के बाद ही बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।