मंत्री और अफसर नहीं जागे तो होगा नींद हराम आन्दोलन-डॉ. सिकरवार

Jul 16 2021

ग्वालियर। ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट, मंहगाई और अन्य समस्याओं सीवर, सड़क, स्ट्रीट लाईट, दूषित पेयजल की सप्लाई, गरीबों को खाद्यान्न पर्ची, सफाई सेवा शुल्क वृद्धि वापस लेने आदि बुनियादी समस्याओं को लेकर कॉग्रेस पार्टी के तत्वधान एवं विधायक डॉ.सतीश सिकरवार के नेतृत्व में ग्वालियर पूर्व विधानसभा के समस्त 19 वार्डो में शुक्रवार को एक साथ प्रात: 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक नगर निगम प्रशासन के विरूद्ध सांकेतिक धरना दिया गया।
विभिन्न स्थानों पर आयोजित धरनो में प्रदेश कांग्रेस के  प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत, अशोक सिंह, रामसेवक सिंह ''बाबूजीÓÓ, अलवेल सिंह धुरैया, शिवबालक सिंह भदौरया, डॉ. देवेन्द्र शर्मा, कृष्णराव दीक्षित, अमर सिंह माहौर, महाराज सिंह पटेल, चर्तुभुज धनौलिया, हेवरन कंसाना, तथा सर्वश्री राम पाण्डे, वीर सिंह तोमर, सुनील श्रीवास, श्रीमती सीमा समाधिया, श्रीमती वीणा भारद्वाज, विनोदी जैन, संजय राठौर, श्रीमती रूचि राय ठाकुर, प्रेम सिंह राठौर, राकेश गुर्जर, सुरेन्द्र सिंह यादव, हरेन्द्र सिंह गुर्जर, आदित्य सिंह सिकरवार आदि ने अपने उद्बोधन में कहा कि उल्लेखित समस्याओं का निगम प्रशासन ने अविलम्ब निराकरण नही किया तो नगर निगम प्रशासन एवं मंत्रीयों को चैन से नही सोने देगे और क्रमबद्ध तरीके से नीद हराम आन्दोलन किया जायेगा। इस मौके पर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुये कहा कि बढती मंहगाई और भ्रष्टाचार के लिये भाजपा और अफसरों का गठजोड़ चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यो और जनता की बुनियादी सुविधायें पूरा करने में नाकाम है। उन्होंने कहा कि अब सरकार ने तबादला उद्योग खोल दिया है। इसमें भ्रष्टाचार होने की बू आ रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर सरकार गरीबों की भलाई के लिये बिजली के बिल माफ नही करती है, सड़के ठीक नही करती है, शुद्ध पेयजल उपलब्ध नही कराती है तो उसके खिलाफ सड़क से विधानसभा तक कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी।
विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने कहा कि शहर में शासन-प्रशासन की ओर से करोड़ों की राशि खर्च कर पेयजल योजना का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर लोगों के घरों तक साफ पानी नही पहॅुच रहा है। इस भीषण गर्मी में तिधरा जलाशय लगभग सूखने की कगार पर है। ऐसे में शहर की जनता को पानी देने के लिये शासन प्रशासन के पास कोई ठोस पलान नही है। कोरोना काल में लोगों के काम धंधे ठप्प हो गये है। साथ ही पैट्रोल-डीजल, गैस के बढे हुये कार्य और बिजली के बिलों से आम जनता त्रस्त है। सरकार के प्रभारी मंत्री सिर्फ पार्टी के नेताओं से मिलकर चले जाते है। उन्हें जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है। हम आगे क्षेत्र की समस्याओं के लिये जनता के साथ मिलकर अधिकारी और मंत्रियों की नीद हराम आन्दोलन चलायेगे।
धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकत्र्ता नारे लगा रहे थे कि पानी बिजली दे न सकी वो सरकार निकम्मी है, जो सरकार निकम्मी निकम्मी है वो सरकार बदलनी है। धरना स्थलों पर कांग्रेस कार्यकत्र्ता पुरूष व महिलायें खाली बाल्टी, मटके लेकर भी पहुॅचे।
सम्पूर्ण वार्डो में आयोजित धरना आन्दोलन स्थलों पर सर्वश्री गोपीलाल भारती, जसवंत सेजवार, अवधेश कौरव, महेन्द्र साहू, श्रीमती कुसुम शर्मा, गौरव तिवारी, कल्लू तोमर, हरेन्द्र वर्मा, महेश कुशवाह, अश्विनी अगरैया, सुधीर मण्डेलिया, सुनील रामपुरिया, पंचम भदौरिया, पोहप सिंह, उदल सिंह, अनूप शिवहरे, बिल्ला सिकरवार, डॉ.दशरथ सिंह, संदीप यादव, अनिल शर्मा, अवधेश साहू, केदार जाटव, अशोक शर्मा, सुरेश प्रजापति, विजय बहादुर त्यागी, अंकित क_ल, कल्लू तोमर, दलवीर बोहरे, अमन सिंह चौहान, शुभंव शर्मा, लायकराम माहौर, शोमिल पुरविया, रवि श्रीवास्तव, विजय त्यागी, चेतन चोकोटिया, लायकराम माहौर, राजीव शर्मा दिनेश चौरसिया, वीरेन्द्र सिंह यादव, दीपक उपाध्याय समेत हजारो कार्यकत्र्ता शामिल हुये।