जल संकट से जूझ रहे महलगांव व सरस्वती नगर के निवासी 10 दिन से पानी को तरस रहे लोग

Jul 15 2021

ग्वालियर। नगर निगम के पानी को लेकर भरपूर और चाकचौबंद इंतजाम होने के लाख ढोल पीटने के बावजूद हकीकत यह है कि अधिकांश क्षेत्रों में भीषण पेयजल संकट है, लोग इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। ऐसे में बीते दस दिन से बोरिंग खराब होने के कारण आज महलगांव के खदान मोहल्ले में रहने वाले सैकड़ों लोगों ने जमकर हंगामा खड़ा किया। यही नहीं इनका गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ, बल्कि इस क्षेत्र में जलप्रदाय करने वाली टंकी पर पहुंच गए और घेराव कर नारेबाजी की। काफी समय बाद यहां पीएचई कर्मचारी पहुंचे और खराब पड़ी बोरिंग की रिपेयरिंग शुरु करवाई, तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
सरस्वती नगर में 7 दिन से सूखा
इधर सिटी सेंटर से सटे यूनिवर्सिटी रोड पर स्थित सरस्वती नगर में भी जलसंकट गहरा गया है। यहां बोरिंग खराब हो जाने के कारण बीते पांच दिन से लोगों के घरों में नलों से पानी नहीं आ रहा, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है, हालात यह हैं कि यहां पानी का कोई और जरिया नहीं है, जिससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इसे लेकर सीधे अधिकारियों से भी क्षेत्रीय लोगंों ने शिकायत की, लेकिन नतीजा नहीं निकला।
हालात बिगड़े तो पहुंचे
जब हालात बेहद बिगड़ गए तो फिर पीएचई के सब इंजीनियर कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए लोगों ने नारेबाजी शुरु कर दी, काफी समय बाद वह इस बात पर शांत हुए कि आज बोरिंग ठीक हो जाएगी और उन्हें पानी मिलने लगेगा।
कहां गए टैंकर
निगम द्वारा यह कहा जा रहा है कि गर्मी में किसी को पानी के लिए परेशान न होना पड़े इसके लिए निगम के अलावा एक सैकड़ा प्रायवेट टैंकर भी ठेके पर लिए गए हैं, लेकिन यह कहां पानी की सप्लाई दे रहे हैं, यह कहीं दिखाई नहीं दे रहा।
यह है मामला
महलगांव में जल प्रदाय के लिए हाल ही में अमृत योजना के तहत वाटर लाइन डाली गई थी, लेकिन इससे अभी तक लोगों को नए कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। अन्यथा पानी की समस्या काफी हद तक हल हो सकती थी। वहीं यहां लगभग ढाई हजार घरों की पानी की आपूर्ति के लिए एक बोरिंग है और यही पानी का एक मात्र जरिया, लेकिन कुछ रोज पहले यह खराब हो गई, इसके साथ ही शुरु हुआ, यहां जल संकट। पहले तो एक दो दिन लोगों ने जैसे-तैसे पानी का यहां वहां से बंदोबस्त किया, यही नहीं चंदा कर प्रायवेट टैंकर भी मंगवाया, लेकिन जब देखा कि उनकी समस्या को न तो जनप्रतिनिधि और न ही निगम गंभीरता से ले रहा है तो फिर वह विरोध में घर से बाहर आ गए और दो दिन जमकर हंगामा किया तो पीएचई कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर चलते बने, अंत में हालात ऐसे बने कि आज उनका गुस्सा फूट पड़ा और वह सीधे पानी की टंकी पर घेराव करने पहुंच गए। हालात बिगड़ते देख टंकी पर कार्यरत कर्मचारी मौके से भाग गए।