जीआरपी ने अंतरराज्यीय लुटेरा गिरोह पकड़ा
Jul 10 2021
ग्वालियर। ग्वालियर से गुजरने वाली ट्रेनों में लूटपाट करने वाले एक अंतरराज्यी लुटेरे गिरोहों को जीआरपी ग्वालियर ने पकड़ा है। यह गिरोह उत्तर प्रदेश के शामली और गाजियाबाद का है, लेकिन यहां वारदात करता है। 2 से 3 वारदात करने के बाद गिरोह उत्तर प्रदेश के लिए निकल जाता है। कुछ दिन बाद फिर लौटता है और वारदात को अंजाम देता है।
लूटे गए मोबाइल को ऑन करते ही गिरोह के दो सदस्य पुलिस के हाथ लगे हैं, एक भाग गया है। पुलिस इनको बाहर से उठाकर लाई है, लेकिन दावा सर्कुलेटिंग एरिया के आगरा एंड से पकडऩे का कर रही है। फिलहाल दो दिन पहले चेन और मोबाइल लूट की वारदात इनसे खुल गई है। अभी आशंका है कि इनसे और भी वारदातों का खुलासा हो सकता है।
कुछ समय में झांसी से दिल्ली जाने वाली कुछ ट्रेनों में मोबाइल और चेन लूट की घटनाएं ज्यादा होने पर एएसपी प्रतिमा एस मैथ्यू ने जीआरपी ग्वालियर को अपना मुखबिर तंत्र मजबूत करने के लिए कहा था। इसी बीच दो दिन पहले ट्रेन से एक महिला की चेन और मोबाइल लूटकर बदमाश भागे थे। इसी मामले में पुलिस को लूटे गए मोबाइल से अहम सुराग मिला। इसके बाद पता लगा कि ट्रेनों में वारदात को पश्चिमी यूपी के शामली व गाजियाबाद की गैंग द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने ट्रेनों में लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह को बर्स्ट किया है। गिरोह को दो सदस्य पुलिस के हाथ आए हैं। हालांकि इनको पकड़कर पुलिस उत्तर प्रदेश से ही लाई है, लेकिन बताया गया है कि यह ग्वालियर स्टेशन पर किसी वारदात को अंजाम देने आए थे और पकड़े गए।
हत्या व लूट के कई मामले हैं दर्ज
जीआरपी ग्वालियर के हाथ लगा बदमाशों में एक खेमसिंह (48) पुत्र पदमसिंह निवासी शामली यूपी है। यह गिरोह का सबसे तेज तर्रार और खतरनाक सदस्य है। इस पर दो हत्या व एक हत्या के प्रयास का मामले के अलावा आधा दर्जन लूट के मामले भी गाजियाबाद व यूपी के कई शहरों में दर्ज हैं। इसके साथ पकड़े गए कालू उर्फ कोल (25) पुत्र शिवलाल निवासी गाजियाबाद पर भी लूट और और फायरिंग के कई मामले दर्ज हैं। इनका फरार साथी मोहन सिंह भी गैंग का मुख्य गुर्गा बताया जा रहा है। अभी वो हाथ नहीं आया है। फिलहाल जीआरपी ने दोनों को गिरफ्तार कर दो दिन पहले सर्दन एक्सप्रेस से महिला यात्री से लूटी गई चेन के साथ मोबाइल भी बरामद किए है। इनसे अन्य वारदातों का खुलासा करने पूछताछ की जा रही है।
यह होता था तरीका
यह चलती ट्रेनों में ऐसे लोगों को टारगेट करते थे जो गेट पर खड़े होकर मोबाइल से बात कर रहे हैं। कोई महिला विंडो के पास बैठी है। जैसे ही कोई ट्रेन प्लेटफार्म से चलती है यह झपट्टा मारकर मोबाइल, चेन लूट लेते थे और ट्रेन के जाने के उल्टी दिशा में भाग जाते थे। उल्टी दिशा में भागने का कारण यही रहता था कि कोई इनका पीछा न कर पाए।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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