पीडब्ल्यूडी के एसडीओ के घर ईओडब्ल्यू का छापा, घर से 250 ग्राम सोना, 5 किलो चांदी भी मिली

Jul 09 2021

ग्वालियर। ग्वालियर में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में एसडीओ रवींद्र सिंह कुशवाह के घर ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) पुलिस ने छापामारी की है। एसडीओ जिस घर में रहता था उस घर की कीमत ही चार करोड़ है, जबकि ग्वालियर-भोपाल में 3 फ्लैट, प्लॉट और दुकानें भी उसने खरीदा है। ग्वालियर के डबरा क्षेत्र में 75 बीघा जमीन तक के कागज मिले हैं। छापामारी के दौरान ईओडब्ल्यू अफसरों ने यह संपत्ति जुटाने का सोर्स पूछा। इस पर एसडीओ बगले झांकता रहा।
पीडब्ल्यूडी एसडीओ ग्वालियर की पॉश टाउनशिप में रहता है। सुबह करीब साढ़े नौ बजे ईओडब्ल्यू अफसर, दल-बल के साथ रविंद्र सिंह कुशवाह के घर पहुंचे। यहां ईओडब्ल्यू अफसरों ने कार्रवाई शुरू की, जिस पर एसडीओ कुशवाह से ईओडब्ल्यू अफसरों ने 3 लाख 70 हजार की नकदी जब्त की। इसके अलावा 5 किलो चांदी और 250 ग्राम सोना मिला है।
ईओडब्ल्यू अफसरों के मुताबिक, जिस मकान में पीडब्ल्यूडी का एसडीओ कुशवाह रहता है, उसकी कीमत 4 करोड़ है। इस मकान को खरीदने के बाद इसे अपनी सुविधा के अनुसार आलीशान बनवाया है। इसके अलावा डबरा क्षेत्र के समुदन, बिलौआ और बड़ी अकबई में 75 बीघा से अधिक की खेती की जमीन खरीदी है। इसके अलावा एसडीओ ने ग्वालियर में पीएचई कॉलोनी में प्लॉट खरीदा है। बसंत कुंज में दो फ्लैट बुक कराए। गुड़ागुडी के नाका पर प्लॉट है। डबरा के बालाजी कॉम्प्लेक्स में दुकानें भी खरीदी हैं। इसके अलावा भोपाल में फ्लैट खरीदे हैं।
आइएएस और आइपीएस अफसरों से है घनिष्ठता
पीडब्ल्यूडी में एसडीओ रवींद्र सिंह कुशवाह की प्रदेश के कई आइएएस  और आइपीएस अफसरों से घनिष्ठता है। पीडब्ल्यूडी में सब इंजीनियर पद पर तैनात रहने से ग्वालियर के गांधी रोड पर निवास करने वाले आइएएस  और आइपीएस अफसरों के संपर्क में लंबे समय तक रहा। यहां रहकर कई अफसरों से घनिष्ठता बनाई। इसके बाद एसडीओ बना तो यहां से स्थानांतरित हो गया। प्रदेश के सीनियर अफसरों से संबंधों का फायदा उठाता रहा।।
एसडीओ ने पैसा, पावर और पॉल्टिक्स से बनाई करोड़ों की संपत्ति, दबाव बनाने के लिए एसोसिएशन में रहता था सक्रिय
लोक निर्माण विभाग के इंचार्ज एसडीओ के घर बेहिसाब संपत्ति ईओडब्ल्यू को मिली। यह संपत्ति को बनाने के लिए एसडीओ रविंद्र सिंह कुशवाह ने पैसा, पावर और पॉल्टिक्स का उपयोग किया। इस की दम पर विभाग में गहरी पैठ बनाई थी। अफसरों पर दबाव बनाने के लिए कर्मचारी एसोसिएशन में सक्रिय रहता था।
पीडब्ल्यूडी में पदस्थ रविंद्र सिंह कुशवाह का मूल पद सब इंजीनियर है। वो पैसों की दम पर एसडीओ के पद का प्रभार हासिल कर रखा है। पिछले कई सालों से वो इसी पद पर पदस्थ है। इतना ही मलाईदार कहे जाने वाला एरिया में स्वयं को पदस्थ करा सका। इंचार्ज एसडीओ कुशवाह, लंबे समय तक ओल्ड गेस्ट हाउस में सब इंजीनियर रहे है। यहां से ही असल में जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट है। यहां पदस्थ होने के बाद गांधी रोड और झांसी रोड के वीआईपी बंगलों में रहने वाले आइएएस अफसर, आइपीएस अफसर और मंत्री व न्याय विभाग के लोगों से गहरे संबंध बनाए। इन अफसरों और राजनेताओं की खूब आवभगत की और विश्वास हासिल किया और घुसपैठ बनाई।
इसके बाद असली खेल शुरू हुआ। आइएएस और आइपीएस अफसरों के गुडबिल में रहकर पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अफसरों पर आसानी से दबाव बना लेता था। विभाग में अफस पर राजनेताओं की दम पर दबदबा बनाता था। इसके अलावा इंजीनियरिंग डिप्लोमा एसोसिएशन का नेता बने। एसोसिएशन का सहारा लेकर स्वयं को पॉवर फुल दर्शाता था। अपने संबंधों और पैसे के दम पर इंचार्ज एसडीओ बना।
प्रभारी कार्यपालन यंत्री और इंचार्ज एसडीओ की मिलीभगत से चलता विभाग
लोक निर्माण विभाग के सूत्रों के मुताबिक लंबे समय से विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री आरके गुप्ता और इंजार्च एसडीओ रविंद्र सिंह कुशवाह की मिलीभगत से विभाग का संचालन हो रहा है। दोनों ही अफसर एक है। बीते दिनों बंगला सेक्शन के एक सब इंजीनियर से 40 फीसदी हिस्सा लेने का विवाद विभाग में गहराया था। पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अफसर इस बात बंगला सेक्शन में चालीस फीसदी हिस्सा लेने के बाद ठेकेदारों का काम स्वीकृत करने की बात कह रहे थे। इस बात से खफा होकर सब इंजीनियर ने अपना इस्तीफा भी थमा दिया था। इसके बाद विभाग के चीफ इंजीनियर तक यह मामला पहुंचा और चीफ इंजीनियर के समक्ष सब इंजीनियर शिवराज पाठक ने पूरे मामले को रखा है।