ज्योतिरादित्य को कैबिनेट मिनिस्टर बनाए जाने पर समर्थकों ने बांटी मिठाइयां

Jul 08 2021

ग्वालियर। मोदी सरकार में ग्वालियर-चंबल अंचल की शान ज्योतिरादित्य सिंधिया को केन्द्रीयमंत्री बनाए जाने पर ग्वालियर सहित अंचल में सिंधिया समर्थक भाजपाइयों में गजब का उत्साह है। भाजपा कार्यालय पर मिठाइयां बांटी गईं।
इतना ही नहीं समर्थकों ने एक दूसरे को बधाइयां देकर खुशियां मनाई हैं। पर इस खुशी में भाजपा के अन्य एक मंत्री के करीबी और पुराने भाजपा नेता गायब रहे हैं। पर सिंधिया समर्थकों का उत्साह देखने लायक था। सिंधिया के साथ कांग्रेस से भाजपा में आए समर्थक समझते हैं कि सिंधिया के मंत्री बनने के बाद अंचल सहित प्रदेश में उनका कद बढ़ेगा। इससे उनके समर्थकों को भी बजन मिलेगा।
राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद शपथ लेते ही ग्वालियर-चंबल अंचल के सिंधिया समर्थक भाजपा नेताओं के चेहरे खिल गए। उन्होंने खुशी मनाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर मिष्ठान वितरित किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने सिंधिया को बधाई देते हुए कहा कि उनके मंत्री बनने से समूचे ग्वालियर अंचल का मान बढ़ा है। इससे ग्वालियर-चंबल अंचल सहित पूरे प्रदेश में विकास की गति का पहिया तेजी से दौड़ेगा। यहां बता दें कि सिंधिया पूर्व में भी कांग्रेस शासन में भी दो बार मंत्री रहे हैं। वह केन्द्रीय राज्यमंत्री, व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रहे थे। पर मोदी सरकार ने उन्हें सीधे कैबिनेट मिनिस्टर बनाया है। इससे सिंधिया के मंत्री बनने की घोषणा और शपथ लेने के साथ ही सिंधिया समर्थक भाजपाइयों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर मुखर्जी भवन में शाम सात बजे समारोह में मिष्ठान वितरित कर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया गया। सांसद विवेक शेजवलकर, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, अशोक शर्मा, किशन मुदगल, गुड्उी वारसी आदि नेताओं ने बधाइयां देकर मिठाई बांटी।
खुशी में शामिल नहीं हुआ दूसरा खेमा
सिंधिया के मंत्री बनने के साथ ही अंचल में एक नई राजनीति का आगाज हुआ है। सभी जानते हैं कि अंचल से नरेन्द्र सिंह तोमर पहले ही केन्द्रीय मंत्री हैं। अब सिंधिया के केन्द्रीय मंत्री बनने से अंचल के भाजपा नेता दो खेमों में बंटना स्वभाविक है। सिंधिया के मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्री बनने पर वही भाजपा नेता खुशियां मनाते नजर आए हैं जो सिंधिया के साथ भाजपा में आए हैं या सिंधिया समर्थक हैं। पर इस अवसर पर वह सारे नेता गायब रहे हैं जो दूसरे खेमे के माने जाते हैं। अब आगे देखते हैं कि अंचल में यह राजनीति क्या रंग लाती है।