संतों ने दीप जलाकर किया शहीदों की शहादत को नमन
Jun 27 2021
कारगिल शहीद सरमन सिंह के बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर शहर के प्रमुख संतो ने 527 दीप जलाकर शहीदों को दी दीपांजलिग्वालियर। कारगिल शहीद श्री सरमन सिंह का बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर शहर के प्रमुख संतो ने 527 दीप जलाकर कारगिल में शहीद हुए सभी 527 अमर बलिदानी यों की शहादत को दीपांजलि के माध्यम से नमन किया कारगिल युद्ध के अमर बलिदानी वीर श्री सरमन सिंह के बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर आज रविवार को जेल रोड स्थित शहीद सरमन सिंह पार्क में दीपांजलि का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत शहर के प्रमुख संतो में गौशाला के महंत श्री ऋषभदेवनन्द महाराज, श्री सच्चिदानंद जी ढोली बुआ महाराज , श्री देव प्रकाश गिरी महाराज, श्री कमल पुरी जी महाराज, श्री समरतीर्थ जी महाराज एवं श्री कमलदास महाराज जनकताल एवं रामायणी महाराज श्री प्रदीप पाठक जी द्वारा 527 दीप प्रज्वलित कर अमर बलिदानियों को नमन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गएसंत ऋषभ देवआनंद गौशाला लाल टिपारा जी ने अपने उद्बोधन में कहा की आज बलिदान दिवस के रूप में कारगिल के शहीद सरमन सिंह जी का वीरता दिवस मनाया जा रहा है और ऐसे कार्यक्रम समय समय पर होते रहने चाहिए। अपनी पंक्तियों के माध्यम से कहना चाहता हूं सभी लोगों के साथ संत समाज यहां उपस्थित है, जो संतों ने इस राष्ट्र को दिया है वह जन जन तक पहुंचना चाहिएसंत समरतीर्थ महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक वीर सैनिक जो जिसके मन में अपनी जन्म भूमि के लिए उसके मन में जो रहता है वही भाव हमारे आपके मन में यही भाव हो। उसके मन में यही भाव रहता है कि वह मरते मरते हुए भी इस देश को इस धरती मां को नमन करते हुए जाता है और उस मां को कहता है कि मेरी आन बान मिट जाए तो कोई बात नहीं तेरी शान नहीं मिटनी चाहिए के लिए मेरी जान भी चली जाए मगर तेरी शान नहीं जाए । इसलिए किसी महापुरुष ने सैनिकों के लिए यही कहा कि सैनिक जब पैदा होता है तो उसके दिल में अपने देश के लिए यही भाव होता है की शान तेरी कभी कम ना हो है वतन ऐ वतन ऐ वतन ऐ मेरे वतनसाडा के पूर्व अध्यक्ष राकेश जादौन ने अपने उद्बोधन में कहा कि वीर सैनिकों के प्रति सम्मान की पराकाष्ठा में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। संत चरणों में दीपांजलि का कार्यक्रम पिछले 22 वर्षों से आप सभी के सहयोग से संतों के आशीर्वाद से लगातार चल रहा है और हम इस दिवस को विशेष रूप से इसलिए मनाते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ियों मे हमारे आने वाले युवा भारत को समझना चाहिए कि राष्ट्र ऐसे ही महान नहीं है। हमारे रणबांकुरे ने, मां भारती के सपूतों ने अपने कुर्बानियों से और संतों ने अपने जीवन को समर्पित करके इस मां भारती के चरणों में समर्पित किया है। निश्चित रूप से इन सब त्याग तपस्या के कारण ही हम आप आजाद भारत में पूरी तरह से अपनी संस्कृति के अनुसार सारे पर्वों को सारे त्योहारों को बहुत अच्छे से मना कर रहे हो हमारे रणबांकुरे सीमा पर सीमा ताने हुए खड़े हुए हैं और हमारी सुरक्षा कर रहे हैं ऐसे वीर जवानों को सत सत नमन करता हूंसंस्था सचिव विहवल सिंह सेंगर ने संचालन करते हुए कहा कि पूजे ना गए शहीद तो यह बीज कहां से आएगा वीरता का सदैव सम्मान किया जाना चाहिए। हमारे वीर शहीदों के चरणों में नमन करता हूं। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में मुख्य रूप से बजरंग सिंह राठौर श्याम गौड़ लक्ष्मण सिंह छोटे सिंह दिलीप शाक्य डॉ मानवेंद्र सिंह रविंद्र राठौर पुरुषोत्तम कुशवाहा भीम देवदत्त शर्मा रवि यादव लाल सिंह पुष्पेंद्र तोमर राहुल शाक्य मयंक पाठक अंशुमान सेंगर रानू सेंगर सुदर्शन शर्मा राघवेंद्र विशेन आदि उपस्थित रहेकार्यक्रम का आयोजन कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए किया गयासेना के अधिकारी शहीद को आज करेंगे नमनकारगिल शहीद श्री सरमन सिंह खेल एवं शिक्षा प्रसार संस्था के अध्यक्ष श्री राकेश जादौन एवं सचिव श्री विहवल सेंगर ने संयुक्त जानकारी में बताया कि कारगिल शहीद श्री सरमन सिंह के बलिदान दिवस 28 जून को सुबह 9 बजे सेना के वरिष्ठ अधिकारी कर्नल श्री अरिंदम मजुमदार कमान अधिकारी 15 एमपी बटालियन ग्वालियर एवं एनसीसी केडिटों, सामाजिक संस्थाओं एवं गणमान्य नगारिकों द्वारा कारगिल युद्व के 527 अमर शहीदों को श्रद्वासुमन अर्पित किए जाएंगे
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Rajesh Jaiswal
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