पेट्रोल पंप लगवाने के नाम पर लगाई पौने दो करोड़ की चपत ग्वालियर। पेट्रोलपंप खुलवाने के नाम पर भारतीय बायो डीजल कंपनी के कंपनी हेड सहित तीन ने दो व्यवसायी व एक सीआरपीएफ जवान को लाखों रुपए की चपत लगा दी। साथ ही जमीन लेने और मशीने लगाने में करोड़ो रुपए खर्च करा दिया। घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सिटी सेंटर की है। घटना का पता उस समय चला जब पैमेंट करने सहित सभी काम पूरे होने के बाद भी जब पेट्रोल पंप चालू नहीं हुआ तो जानकारी जुटाई तो पता चला कि इनके पास बायो डीजल वितरण करने की अनुमति ही नहीं है। ठगी का शिकार थाने पहुंचे और मामले की शिकायत की। पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया हैमुरार निवासी मुकेश सिंह पुत्र रामकल सिंह पेशे से व्यवयासायी हैं, उनकी मित्रता व्यवसायी राकेश ङ्क्षसह पुत्र जगदीश सिंह निवासी देवरी जिला भिण्ड और सीआरपीएफ जवान दिनेश सिंह राजावत पुत्र प्रतिपाल सिंह राजावत निवासी गुढ़ी-गुढा का नाका से है। कुछ समय पूर्व उन्होंने एक विज्ञापन देखा था, जिसमें बायो डीजल पंप खोलने व डिलरशिप का विज्ञापन था। उसमें दिए नंबरों पर बात की तो उन्हें कंपनी के सिटी सेंटर स्थित आफिस बुलाया। जिस पर वह तथा उनके मित्र भी डिलरशिप लेने के लिए पहुंचे। यहां पर कंपनी के ग्वालियर हेड गौरव शर्मा व कर्मचारी प्रियंका उर्फ प्रिया सुलेरे से मुलाकात हुई। सभी बातचीत तय होने के बाद वह डीलरशिप लेने के लिए तैयार हो गए और इसके बाद गौरव ने उनकी बातचीत कंपनी के एमडी शैलेन्द्र सिंह से बातचीत कराई। मुकेश ने जमीन लेने सहित मशीने लगाने सभी औपचारिकता पूरी कर करीब एक करोड़ पंद्रह लाख रुपए खर्च कर दिए। इसी तरह राकेश ने करीब पचास लाख और दिनेश ने करीब 18 लाख रुपए लगा दिए। इसके बाद वह इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वाासन देते रहे। काफी परेशान होने के बाद उन्होंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि इनके पास तो बायो डीजल वितरण करने की अनुमति ही नहीं हैपीडि़तों की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा

Jun 21 2021

 

पेट्रोल पंप लगवाने के नाम पर लगाई पौने दो करोड़ की चपत
ग्वालियर। पेट्रोलपंप खुलवाने के नाम पर भारतीय बायो डीजल कंपनी के कंपनी हेड सहित तीन ने दो व्यवसायी व एक सीआरपीएफ जवान को लाखों रुपए की चपत लगा दी। साथ ही जमीन लेने और मशीने लगाने में करोड़ो रुपए खर्च करा दिया। घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सिटी सेंटर की है। घटना का पता उस समय चला जब पैमेंट करने सहित सभी काम पूरे होने के बाद भी जब पेट्रोल पंप चालू नहीं हुआ तो जानकारी जुटाई तो पता चला कि इनके पास बायो डीजल वितरण करने की अनुमति ही नहीं है। ठगी का शिकार थाने पहुंचे और मामले की शिकायत की। पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। 
मुरार निवासी मुकेश सिंह पुत्र रामकल सिंह पेशे से व्यवयासायी हैं, उनकी मित्रता व्यवसायी राकेश ङ्क्षसह पुत्र जगदीश सिंह निवासी देवरी जिला भिण्ड और सीआरपीएफ जवान दिनेश सिंह राजावत पुत्र प्रतिपाल सिंह राजावत निवासी गुढ़ी-गुढा का नाका से है। कुछ समय पूर्व उन्होंने एक विज्ञापन देखा था, जिसमें बायो डीजल पंप खोलने व डिलरशिप का विज्ञापन था। उसमें दिए नंबरों पर बात की तो उन्हें कंपनी के सिटी सेंटर स्थित आफिस बुलाया। जिस पर वह तथा उनके मित्र भी डिलरशिप लेने के लिए पहुंचे। यहां पर कंपनी के ग्वालियर हेड गौरव शर्मा व कर्मचारी प्रियंका उर्फ प्रिया सुलेरे से मुलाकात हुई। सभी बातचीत तय होने के बाद वह डीलरशिप लेने के लिए तैयार हो गए और इसके बाद गौरव ने उनकी बातचीत कंपनी के एमडी शैलेन्द्र सिंह से बातचीत कराई। मुकेश ने जमीन लेने सहित मशीने लगाने सभी औपचारिकता पूरी कर करीब एक करोड़ पंद्रह लाख रुपए खर्च कर दिए। इसी तरह राकेश ने करीब पचास लाख और दिनेश ने करीब 18 लाख रुपए लगा दिए। इसके बाद वह इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वाासन देते रहे। काफी परेशान होने के बाद उन्होंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि इनके पास तो बायो डीजल वितरण करने की अनुमति ही नहीं है। 
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पीडि़तों की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा