मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जन-सहभागिता से बड़े संकल्पों को पूरा करने में सफलता पाई है। हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के संरक्षण

Jun 13 2021

ग्वालियर 13 जून  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जन-सहभागिता से बड़ेसंकल्पों को पूरा करने में सफलता पाई है। हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये मुख्यमंत्री चौहान ने हमेशा ही प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर जन-समुदाय को वृक्षारोपण के वृहद अभियान से जोड़ने का
सफल प्रयास किया है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का नियंत्रण जन-भागीदारी मॉडल की वजह से हीसंभव हुआ है। ग्राम, वार्ड, नगर और जिला स्तर पर बनी क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियाँ, जन-प्रतिनिधि, स्वयंसेवीसंगठनों, स्व-सहायता समूहों और कोरोना वालेंटियर्स की सक्रियता और पहल ने कोविड अनुकूल व्यवहार अपनानेके लिए लोगों को प्रेरित करने और स्व-नियंत्रण की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की। परिणामस्वरूप अब प्रदेश बेहतरस्थिति में हैं। कोरोना की आपदा में जनता की पहल और ऊर्जा को निश्चित दिशा मिलीप्रदेश के स्थाई हित में होगा जन-भागीदारी की ऊर्जा का उपयोगमुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-भागीदारी की इस ऊर्जा का प्रदेश के दीर्घकालीन और स्थाई हित में उपयोगकरने के उद्देश्य से वृक्षारोपण अभियान में भी जन-जन को जोड़ने की दिशा में कार्य आरंभ किया। एक सच्चे जन-नेताके रूप में इसकी पहल स्वयं से की। नर्मदा जयंती 19 फरवरी को मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतिदिन एक पौधा लगानेका संकल्प लिया और निरंतर उसे पूरा किया। यह प्रदेश की जनता के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करने का प्रयासथा। मुख्यमंत्री श्री चौहान इस क्रम में अब तक 131 पौधे लगा चुके हैंपेड़ लगाना आनंद की अनुभूति हैमुख्यमंत्री  चौहान ने पचमढ़ी में उनके द्वारा 2016 में लगाए गए आम के पेड़ में आये फल को देखकरट्वीट किया है कि 'आप भी जब पौधा लगाएँगे, उसकी देखभाल करेंगे और जब वह पेड़ बड़ा होकर आपको फल देगातो मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि उससे ज्यादा आनंद की अनुभूति आप को नहीं होगी।' मुख्यमंत्री श्री चौहानका यह आत्मानुभूति का भाव उनकी, सबको साथ लेकर चलने की भावना को दर्शाता है। प्रदेश के विकास की बातहो, जनता के कल्याण की बात हो या चुनौतियों का सामना करने का समय हो, मुख्यमंत्री श्री चौहान प्रदेश कीजनता को साथ लेकर चले हैंप्रकृति की शक्तियों के साथ सामन्जस्य जरूरीमुख्यमंत्री श्री चौहान प्रदेशवासियों को वृक्षारोपण अभियान से भावनात्मक रूप से जोड़ने के लिए लगातारप्रयासरत हैं। वे प्राय: जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, ग्लोबल वार्मिंग के खतरों से लोगों को आगाह करते हैंमुख्यमंत्री श्री चौहान प्राय: जनता से संवाद में कहते हैं कि तन-मन और धन से भी ऊपर वन, प्रकृति और पर्यावरणको रखना हमारी संस्कृति हमारा संस्कार है और इसका पालन आवश्यक है। कोरोना ने ही हमें इस दिशा में सीख दीहै कि मानव अस्तित्व के लिए प्रकृति की शक्तियों के साथ सामन्जस्य रखना जरूरी है। इसके लिए धरती कीहरियाली बढ़ाना सबसे सरल उपाय है। यह ऐसा कार्य है जो प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर कर सकता है। वृक्ष लगानेऔर इसकी देखभाल करने से धरती पर न केवल ऑक्सीजन बढ़ेगी अपितु सम्पूर्ण जीवन ऊर्जा की वृद्धि होगीवृक्ष जीवित ऑक्सीजन प्लांट हैंमुख्यमंत्री श्री चौहान का मानना है कि भारतीय संस्कृति में पौधों के रोपण को शुभ कार्य माना गया है। वृक्षपूजनीय है, क्योंकि उन पर देवताओं का वास माना गया है। कई भारतीय संस्कारों, व्रतों और त्योहारों के माध्यम सेवृक्षों की पूजा-अर्चना की परम्परा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 10 जून को वटसावित्री अमावस्या के अवसर परपचमढ़ी में बरगद का पौधा लगाकर लोकोपयोगी संदेश दिया कि प्राणवायु का यह बड़ा स्रोत वास्तव में प्राण-रक्षकहै। मुख्यमंत्री श्री चौहान वृक्षों को जीवित ऑक्सीजन प्लांट की उपमा देते हैंजन-जन का हो वृक्षारोपण अभियान से जुड़ावमुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में जन-जन को वृक्षारोपण अभियान से जोड़ने, उन्हें पौधा लगाने के लिएप्रेरित करने और सम्मानित करने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस से सम्पूर्ण प्रदेश में अंकुर अभियान आरंभ कियाअभियान में पौधा लगाने और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। पौधालगाने वाले प्रतिभागियों को वृक्ष वीर और वृक्ष वीरांगना कहा जायेगा। इस अभियान में प्रतिभागियों को प्राणवायुअवार्ड से सम्मानित भी किया जायेगाघर बनाने वाले हर व्यक्ति के लिए पौधा लगाना जरूरीमुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने और जन-जन की इसमें भागीदारीसुनिश्चित करने के लिए बिल्डिंग परमीशन को भी वृक्ष लगाने से जोड़ दिया है। अब प्रदेश में घर बनाने वाले हरव्यक्ति के लिए पौधा लगाना जरूरी हो गया है।  मुख्यमंत्री श्री चौहान प्रदेशवासियों से अपने जन्म दिवस, विवाहवर्षगाँठ के मौके पर और अपने प्रियजनों की याद में पौधा लगाने की अपील करते हैंपौधा लगाना जीवन रोपने के समानमुख्यमंत्री श्री चौहान का मानना है कि पौधा लगाना जीवन रोपने के समान है। पेड़ हमें जीवन देते हैं। एकबड़ा पेड़ कई पक्षियों और जीव-जंतुओं को आश्रय प्रदान करता है। प्रत्येक पेड़ की पर्यावरण संतुलन बनाये रखने मेंभूमिका है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतिदिन पेड़ लगाने के अपने संकल्प के परिपालन में अब तक 131 पौधे लगायेहैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा जयंती पर 19 फरवरी को अमरकंटक में गुलबकावली और साल का पौधालगाकर प्रतिदिन पौधा लगाने का संकल्प लिया था। इस क्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा भोपाल के अतिरिक्तहोशंगाबाद, नसरूल्लागंज, जवलपुर और पन्ना के अतिरिक्त पश्चिम बंगाल के जगत वल्लभपुर, गुजरात के भरूच मेंभी पौध-रोपण किया गयास्थानीय जलवायु के अनुरूप हो वृक्षारोपणमुख्यमंत्री  चौहान का मानना है कि स्थानीय जलवायु के अनुरूप ही वृक्षारोपण किया जाए। मुख्यमंत्रीश्री चौहान द्वारा वृक्षारोपण के संकल्प के अंतर्गत आम, पारिजात, सप्तपर्णी, नीम शीशम, करंज, बरगद, पीपल,कदम, बाँस, हरसिंगार, गूलर, बेलपत्र, खिरनी, चंदन, गुलमोहर, अशोक, मौलश्री, मुनगा, अमरूद, आँवला, शमी,संतरा, सीताफल, संतरा, कचनार, रीठा, आदि का पौध-रोपण किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल पर जन-भागीदारी से प्रदेश की धरती को हरा-भरा करने का अभियान नई मिसाल स्थापित करेगा।