रेमडेसिविर की कालाबाजारी में एक नर्स और गिरफ्तार
Jun 03 2021
ग्वालियर। कोरोना महामारी में जीवन रक्षक दवा रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कांड में एसटीएफ को एक और सफलता मिली है। एसटीएफ की टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर में एक प्राइवेट हॉस्पिटल से महिला नर्स संगीता को गिरफ्तार किया है। यह नर्स हॉस्पिटल की आड़ में रेमडेसिविर इंजेक्शन का रैकेट चला रही थी। इसका नाम एसटीएफ को 24 दिन पहले रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने सिवनी से ग्वालियर आए कमलेश्वर प्रसाद से मिला था। उसे यही इंजेक्शन उपलब्ध कराती थी। अब यह नर्स कहां से इंजेक्शन अरेंज करती थी यह एसटीएफ पता कर रही है।
एसटीएफ ग्वालियर की टीम ने 24 दिन पहले 8 मई को ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर रेमडेसिविर इंजेक्शन को ब्लैक में बेचने आए सिवनी के रघुनाथ कॉलोनी निवासी 43 वर्षीय कमलेश्वर प्रसाद दीक्षित को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 5 इंजेक्शन मिल थे। एसटीएफ की टीम ने ही सोशल मीडिया पर कस्टमर बनकर इसे फंसाया था। जब इससे पूछताछ की तो पता लगा कि वह इंजेक्शन की कालाबाजारी के रैकेट का एक मोहरा मात्र है। वह नागपुर, बालाघाट व मंडला के कुछ अस्पताल कर्मचारियों के संपर्क में था। वही उसको इंजेक्शन उपलब्ध कराते थे। कमलेश्वर प्रसाद के बारे में पता लगा था कि वह वर्ष 2018 में सिवनी से सपाक्स पार्टी से विधायक का चुनाव भी लड़ चुका था। उसने बालाघाट निवासी संगीता कुमारी का नाम एसटीएफ को बताया था। साथ ही यह भी बताया था कि संगीता अभी महाराष्ट्र के नागपुर में एक मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में बतौर नर्स पदस्थ है। वहीं से पूरे रैकेट को चला रही है। उससे मिली टिप के बाद एसटीएफ की टीम ने नागपुर में दबिश देकर आरोपी नर्स को गिरफ्तार किया है। उसे ग्वालियर में लाकर कोर्ट में पेश किया और दो दिन की पुलिस रिमांड पर ले लिया है।
पकड़ी गई नर्स ने कुबूल कर लिया है कि कमलेश्वर प्रसाद को वही रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराती थी। पर वह सिर्फ उसे ही इंजेक्शन देने की बात कह रही है। एसटीएफ अभी उससे पूछताछ कर रही है कि उसे इंजेक्शन कहां से मिलते थे। जिस हॉस्पिटल में वह काम करती थी उसका और कौन सदस्य इसमें शामिल है। गुरुवार को इसमें कई नामों का खुलासा हो सकता है।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









