सीएसपी कोरोना से संघर्ष कर हुए स्वस्थ , अब दो मरीज़ों प्लाज़्मा देकर बचाई जान

May 13 2021

ग्वालियर। कोरोना संक्रमण काल में दूसरों की जान को बचाने का जज्बा सीएसपी रत्नेश तोमर से सीखा जा सकता है। क्योंकि 14 दिन पहले ही उनकी मां का भी कोरोना संक्रमण की वजह से देहांत हुआ था। स्वयं सीएसपी तोमर भी कोरोना संक्रमित थे और संघर्ष करके कोरोना पर विजय पाई। हालांकि जब वे संक्रमित थे तभी उनकी मां भी संक्रमित थी। उन्होंने अपने साथ साथ संक्रमित मां का इलाज कराया और उनकी देखभाल की। अब जब वे संघर्ष कर कोरोना से लड़े और उस पर विजय पाई। अब वे अपने प्लाजामा से लोगों की जान बचा रहे हैं। हालांकि उनकी मां ने उनका साथ 14 दिन पहले ही छोड़ा है। लेकिन उन्होंने कोरोना पीडि़तों की मदद करने के लिए न केवल ड्यूटी ज्वाइन कर ली, बल्कि कोरोना से जूझ रहे दो मरीजों की जान भी उन्होंने अपना प्लाज्मा दान कर बचाई। 
कोरोना से उबरने के बाद सीएसपी तोमर ने स्वयं जाकर अपना एंटीबॉडी टेस्ट कराया। टेस्ट में कोरोना से लडऩे वाली एंटीबाडी का स्कोर अच्छा आया। इसके बाद श्री तोमर ने समाज सेवी नीलेश व प्रिंस से संपर्क किया। जब पता चला कि कोरोना से दो मरीज संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें प्लाज्मा की जरूरत है। ऐसे में सीएसपी श्री तोमर अपने ऑफिस से उठकर दोनों मरीजों की जान बचाने के लिए प्लाज्मा दान करने पहुंच गए। सीएसपी रत्नेश तोमर ने कहा कि मां को खोने का गम उनहें पता है। ऐसे दौर में जो अपने परिवर के लोगों को खो रहे हैं। उनका दुख बहुत बड़ा है। हमे एक दूसरे की मदद कर इस विपत्ति से बाहर आना है। श्री तोमर ने अपील की कि कोरोना से बचने के लिए शासन की गाइउ लाइन यानि मास्क लगाए, दो गज दूरी का पालन करें और हाथ सैनेटाइज करने का पालन करें। साथ ही जिन लोगों ने कोरोना पर विजय पाई है। वे दूसरे लोगों की जान बचाने के लिए आगे आएं और अपना प्लाज्मा डोनेट करें।