आचार्यश्री पुलक सागर जी महाराज का 51 वां अवतरण दिवस गुरूभक्तो ने अपने अपने घरो बडे उत्साव के साथ मनाया

May 11 2021

आचार्यश्री पुलक सागर महाराज का 51 वां अवतरण दिवस पर सुबह घरों रंगोली सज्जकर पूजा कर दीपो से आरती उतारी.गुरुदेव के अवतरण दिवस पर घर-घर में रंगाली सज्जकर पूजन और बधाई नृत्य हुए, शाम को दीपों से महाआरती की  ग्वालियर- कर्फ्यू लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए गणधराचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के सुयोग्य शिष्य भारत गौरव आचार्यश्री पुलक सागर महाराज का 51 वां अवतरण दिवस आज मंगलवार को गुरूभक्तो ने अपने अपने घरो में बडे धूमधाम व उत्सव के साथ मनाया गया   जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्श कलम ने बताया कि सुबह से ही गुरूभक्तो ने अपने अपने घरों में अपने गुरू आचार्यश्री पुलक सागर जी महाराज का ध्यान कर उनका आव्हान किया। बच्चो ने अपने घरो में सुदंर झाॅकी और रंगोली से सज्जवाट कर गुरूदेव आचार्यश्री पुलक सागर जी महाराज की चौकी पर तस्वीर विराजमान कर गुरू भक्तो ने दीप प्रज्वलित कर संगीतमय अष्ट्रद्रव्य से गुरू पूजन भक्ति भावो के साथ गुरूदेव के चरणों मे जयकारो के अर्घ्य समर्पित किए। पूजन के साथ गुरूदेव की महादीपो से आरती की। शाम को घर के मुख्य दरवाजे के बाहर रंगोली पर दीपको रखकर दीपत्सव मनायागुरूदेव के जन्मोत्सव की खुशियों पर भजनो पर नृत्य किया     जैन समाज प्रवक्ता सचिन जैन आदर्श कलम ने बताया कि प्यार सज्जा है तेरा द्वारा गुरूवर.मेरे सिर पर रख दो गुरूदेव अपने ये दोनो हाथ देना है तो दीजिये जन्म जन्म का साथ.मुझे लगी गुरूसंग प्रीत दुनियां क्या जानेजैसे अनेकों भजनों पर गुरूभक्तो ने अपने अपने घरो में भक्ति नृत्य कियापुलक सागर का जीवन परिचयदीक्षा से पहले नाम -: पारस जैन, जन्म की तारीख -: 11 मई, 1970, जन्म स्थान -: धामत्री, छत्तीसगढ़, पिता व माताश्री का नाम :- भिकमचंद जैन व श्रीमती गोपी बाई जैन थे। शैक्षिक योग्यता-: बैचलर ऑफ आर्ट्स (जबलपुर), ब्रह्मचर्य व्रत (ग्रीह टायग):- 27 जनवरी, 1993, सार में ब्रह्मचर्य-: आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज से लिया। ऐलाक दीक्षा-27 जनवरी, 1994 स्थान ग्वालियर, मध्य प्रदेश हुई। मुनि दीक्षा-: 11 दिसंबर, 1995 स्थान कानपुर, उत्तर प्रदेश हुई। आचार्य पदा-: 30 नवंबर 2019 जैन तीर्थ पुष्पगिरी सोनकच्छ देवास में दीक्षा गुरु-: आचार्य पुष्पदांत सागर महाराज ने दी थी