लोगों की जान बचाने क्या नहीं कर रही पुलिस

Apr 27 2021

ग्वालियर। लोग अपनी जान खतरे में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं पर पुलिस है कि इनकी जान बचाने के लिए पूरी ताकत झोंके हुए है। वो भी अपनी जान दांव पर लगा कर। दिन की तपती दोपहर में पुलिस सड़कें, गलियों झांकती फिर रही है तो रात में ऑपरेशन ऑक्सीजन में जुट जाती है। जैसा बीती रात हुआ। सोमवार की रात शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन कमी की हवा जैसे ही पुलिस के कानों में पहुंची, हालात बिगडऩे से पहले पुलिस ने अपने कंधों पर सिलेण्डर लादकर अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया। 
एसपी अमित सांघी ने बताया कि निजी व सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी होने का पता चला था। हालात ना बिगड़ें इसके लिए सभी अफसरों के साथ योजना बनाई और शहर व देहात से करीब 205 खाली सिलेण्डर एकत्रित कराने के साथ ही एएसपी वेस्ट सत्येन्द्र सिंह को स्थिति संभालने के लिए जिम्मेदारी सौंपी और रात भर पुलिस लोगों की जान पर आए संकट को टालने में जुट गई। 
एएसपी सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि संकट का पता चलते ही सभी थानों में अस्थायी ऑक्सीजन सिलेण्डर को स्टोर किया और कंट्रौल रूम में पदस्थ भागीरथ प्रसाद को क्रियाविन्त कराने तथा एसआई नागवंशी को मालनपुर स्थित सूर्या फैक्ट्री पर तैनात करने के साथ ही चार टाटा 407 के साथ ही दो बोलेरो लोडिंग व अनलोडिंग के लिए तैयार की। पुलिस लाइन से जवानों को इनमें तैनात कर शाम चार बजे से मालनपुर से सिलेण्डर लाने का काम शुरू किया और शाम से सुबह छह बजे तक 150 सिलेण्डर ऑक्सीजन एकत्रित कराकर जहां पर कमी आई वहां पर थाने के बल ने अपने वाहनों से पहुंचाए। 
यहां-यहां पहुंचाए सिलेण्डर
मरीजों की जान बचाने जुटी पुलिस ने 74 सिलेण्डर जेएएच स्थित सुपर स्पेशलिटी में, 15 सिलेण्डर लिंक हॉस्पीटल में, 5 सिलेण्डर वेदांश अस्पताल में, 2 सिलेण्डर मां शीतला अस्पताल में, 5 सिलेण्डर कल्याण पड़ाव, 5 सिलेण्डर कल्याण मुरार, 5 सिलेण्डर प्राइम हॉस्पीटल, 4 सिलेण्डर मानसरोवर अस्पताल, 4 सिलेण्डर लाइफ केयर, 5 सिलेण्डर आरोग्य अस्पताल में पहुंचाए। वहीं कुछ अस्पतालों में एक से दो तक सिलेण्डर पहुंचाए।
रात भर मुहिम
एसपी के नेतृत्व में एएसपी सत्येन्द्र सिंह तोमर लगातार हर स्थिति पर नजर रखने के साथ ही पूरे अभियान का क्रियान्वयन कराया तो कंट्रोल रूम में पदस्थ प्रधान आरक्षक भागीरथ प्रसाद, के साथ ही सभी थाना प्रभारी व अफसर तथा जवान देवदूत बनकर जहां पर भी सिलेण्डरों की जरूरत पड़ी वहां पर पहुंचाते दिखे। 
पहले से ही अलर्ट है पुलिस
तीन दिन पहले शहर में जो सांसों का संकट हुआ था, उसे देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड़ पर है और लगातार अस्पतालों में गैंस की मॉनीटरिंग करा रही है। बीते रोज जैसे ही पता चला कि ऑक्सीजन का संकट हो सकता है, पुलिस अफसर अलर्ट पर आए और पूरी योजना को अमलीजाता पहना कर अंजाम दिया और कहीं पर भी परेशानी नहीं आने दी। 
बचपन में कहानियों में सुना था कि देवदूत सफेद कपड़े पहनकर आते है और लोगों की जान बचाते है, लेकिन सोमवार की रात को खाकी पहने हुए देवदूत शहर की सड़कों पर ऑक्सीजन सिलेण्डर ले जाते दिखे। पुलिस के इन देवदूत ने 11 अस्पतालों में 150 सिलेण्डर पहुंचाकर गंभीर मरीजों पर जान का संकट नहंी आने दिया।