हनुमान जयंती पर अधिकतर मंदिर बंद मुख्य द्वार पर ही चढ़ा रहे फूल-प्रसाद

Apr 27 2021

ग्वालियर। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हनुमान जयंती के पर्व पर शहर के कई प्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर सुबह से बंद रहे। खेड़ापति हनुमान, संकटमोचन हनुमान मंदिर बाड़ा, समेत कई मंदिरों में इसके बाद भी काफी संख्या में लोग पहुंचे और मुय गेट पर ही माला फूल चढ़ाने के साथ हनुमान को नमन किया। कुछ लोगों ने गेट के बाहर सड़क पर ही हनुमान चालीसा का भी पाठ किया। 
बता दें कि प्रशासन के आदेश के बाद मंदिरों को बंद किया गया है ताकि संक्रमण का फैलाव न हो सके। छोटी सी चूक भारी पड़ सकती है। भक्तगण के साथ पूरा शहर और देश सुरक्षित हो इसलिए कोई रिस्क नहीं लिया जा सकता है। सुबह के समय सभी हनुमान मंदिर के पुजारियों ने चोला चड़ाकर पूजन किया। आम दर्शनार्थी मंदिर में प्रवेश के लिए आए लेकिन उन्हें मना कर दिया गया। मंदिर प्रशासन ने लोगों से अपील की कि जितना संभव हो अपने घरों में रहें। मंदिर बंद करने से पहले लगातार सैनिटाइज भी किया जा रहा था। दीवारों से लेकर फर्श तक पर केमिकल से सफाई हो रही थी। 
मंदिरों को सजाया
खेड़ापति मंदिर, संकट मोचनहनुमान मंदिर, मंशापूर्ण हनुमान मंदिर, जौरासी घाटी हनुमान मंदिर को सजाया गया। हनुमान जयंती के शुभ अवसर से पहले ही मंदिरों में रात्रि में हनुमानजी का श्रंगार सिंदूर, रंग. बिरंगे वस्त्रों-फूल आदि से किया गया।
सुबह दर्शनों के लिए पहुंचे भक्तों को बाहर से ही दर्शन करके लौटना पड़ा। बड़े मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्गों पर पुलिस भी तैनात है।
घर में ही किया पाठ
भक्तों ने हनुमान जी की पूजा के साथ सुंदरकाण्ड और हनुमान चालीसा का पाठ सुबह के समय घर पर ही किया। पंचांग के अनुसार इसी दिन सिद्धि योग और व्यतीपात योग का निर्माण भी हो रहा है।