कोरोना संक्रमित की मौत हंगामा , 7 घंटे बाद पॉजिटिव का शव परिजन को मिला

Apr 23 2021

ग्वालियर। शुक्रवार दोपहर ग्वालियर के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एक कोरोना पॉजिटिव पेशेंट की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। हंगामा होते ही डॉक्टर वहां से भाग गए। मौत के 7 घंटे बाद परिजन को शव दिया गया। मृतक का चेहरा खून से सना हुआ था। आंख, कान व नाक से खून की धार लगी थी। यह देखकर परिजन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। डॉक्टरों पर आंखे निकालकर बेचने का आरोप लगाते हुए हंगामा मचा दिया मृतक की अभी हाल ही में सगाई हुई थी। उसकी शादी होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही वह दुनिया छोड़ गया। हंगामा की सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला। किसी तरह हंगामे को शांत किया।
गोला का मंदिर विजयलक्ष्मी विहार निवासी 27 वर्षीय अभिषेक सिंह सिकरवार की तबीयत अचानक बिगड़ी तो उन्होंने सीटी स्कैन कराया था। 16 अप्रैल को सीटी स्कैन की रिपोर्ट में उनके लंग्स में संक्रमण सामने आया। इसके बाद परिजन ने मुरार के 7 नंबर चौराहा एक निजी कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। लगातार उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। तीन दिन पहले अचानक अभिषेक की हालत बिगड़ गई। उसे जेएएच स्थित सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार रात को परिजन ने उसे वीडियो कॉल किया तो वह दलिया खा रहा था। परिजन संतुष्ट थे कि उसकी हालत में सुधार है। पर रात को अचानक उसकी सांसे उखडऩे लगीं। डॉक्टर ने उसे वेंटीलेटर लगाया। सुबह 5 बजे सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की ओर से परिजन के पास कॉल पहुंचा कि अभिषेक की मौत हो गई है। यह सुनकर परिजन के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन तत्काल हॉस्पिटल पहुंच गए, लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला।
हॉस्पिटल पहुंचे परिजन को पहले तो डॉक्टर यह कहते रहे कि जरूरी प्रक्रिया कहकर समय लगाते रहे। फिर दो घंटे लिफ्ट खराब होने का बहाना बनाते रहे। आखिर में मौत की सूचना के 7 घंटे बाद दोपहर 12 बजे परिजन को शव दिया गया। परिजन ने शव के चेहरे से कपड़ा सरकाकर चेहरा देखा तो उसकी एक आंख, नाक, कान से ब्लड निकल रहा था। इस पर परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया क्योंकि मृतक के भाई सुमित सिकरवार के मुताबिक अभिषेक देर रात अच्छा भला था और अगर उसकी मौत सामान्य हुई है तो फिर ताजा ब्लड कैसे चेहरे पर निकल कर आया है। ऐसे में उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर मरीजों के ऑर्गन बेचने तक के गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपू थाना पुलिस सहित अन्य थानों का फोर्स वहां पहुंच गया। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अफसर वहां पहुंच गए। किसी तरह परिजन को जांच के आश्वासन पर मनाया और वहां से हटाया है।
मौत से चंद रोज पहले हुई सगाई
मृतक अभिषेक सिकरवार अभी 27 साल का था। उसकी मौत के बाद उसके परिवार की उसको दूल्हा बनकर देखने की हसरत मिट्टी में मिल गई है, क्योंकि हाल ही में अभिषेक की सगाई हुई थी। मई में उसकी सगाई होना तय हुआ था। पर कोरोना के चलते परिजन फैसला नहीं ले पा रहे थे। इसी बीच अभिषेक कोरोना की चपेट में आ गया। उसके बाद उसकी यह हालत हो गई।
कैसे निकला ब्लड, डॉक्टरों का तर्क
सुपर स्पेशियलिटी में पदस्थ डॉक्टरों का कहना है कि जब पेशेंट वेंटीलेटर पर होता है और उसकी मौत हो जाती है तो उसके बाद वेंटीलेटर के पाइप उसके नाक औ मुंह से निकालने पड़ते हैं। ऐसे में कई बार ब्लड आ जाता है। इस केस में भी यही हुआ है।