न जुलूस न रैली, शारीरिक दूरी के साथ मनाई अंबेडकर जयंती

Apr 14 2021

ग्वालियर। भारतीय संविधान के जनक डॉ.भीमराव अंबेडकर की जयंती बुधवार को पूरी शालीनता के साथ मनाई जा रही है। कोरोना वायरस के चलते शारीरिक दूरी के नियमों के कारण इस बार हर साल की तरह 14 अप्रैल को विशेष आयोजन नहीं हुए। न कहीं बड़ा जुलूस निकाला गया, न वाहन रैली निकाली गई और न हीं समुहिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। हालांकि फूलबाग व मुरार समेत शहर के विभिन्न चैक चैराहों व अन्य स्थानों पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस दौरान कुछ स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अंबेडकर की तस्वीर पर फूल भी लोगों ने चढ़ाए व सभी से अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने की सीख दी। कंाग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक सिंह भी फूलबाग उद्यान में बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा को नमन करने पहुंचे उन्होने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया है इसके साथ ही भाजपा नेताओं ने भी सुबह तडके अंबेडकर उद्यान पहुंच कर बाबा साहेब को याद किया।
युवा पीढ़ी अंबेडकर के बताए मार्ग पर चले
डॉ भीमराव अम्बेडकर बाबासाहेब की जयंती पर ग्वालियर के फूलबाग पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यर्पाण किया। इस दौरान संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि डॉ अम्बेडकर के बताए हुए मार्ग पर चल रहे हैं और युवा पीढ़ी से डॉ अम्बेडकर के सिद्धांतों पर चलने की अपील की गई। वहीं ग्वालियर वासियों से भीमराव अंबेडकर के नियमों का पालने करने का अनुरोध किया गया। बता दें कि इस दौरान वरिष्ठ कंाग्रेस नेता अशोक सिंह, विधायक प्रवीण पाठक, कंाग्रेस जिलाध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा सहित अन्य लेाग मौजूद रहे।
अजाक्स कार्यालय में भी बाबा साहेब को किया याद
मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ अजाक्स के आव्हान पर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए लोगों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा व चित्र के समक्ष दीपक जलाए।
भाजपा नेताओं ने तड़के अंबेडकर की प्रतिमा पर किया नमन
भारत रत्न बाबा भीमराव अंबेडकर की जयंती पर फूलबाग स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी ने कहा कि आज एक ऐसे महापुरुष की जयंती है जिन्होंने सेवा की सही परिभाषा देश को बताई। इसी तरह हमें भी गरीब और असहाय लोगों के बीच जाकर उनकी मदद कर सच्ची अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहिए।