जीवन जीने की कला सिखाती है राम चरितमानस: भारती

Mar 24 2021

ग्वालियर। आदर्श रामलीला समिति में प्राचीन काल से चली आ रही रामलीला मंचन के स्थान पर इस वर्ष साध्वी डॉ प्रज्ञा भारती की कृपा पात्र शिष्य सुश्री गुंजन वशिष्ठ द्वारा संगीतमय राम कथा प्रारंभ हुई। कथा के प्रारंभ में सर्वप्रथम गणेश पूजन तत्पश्चात राम चरित मानस का पूजन किया गया जिसमें मुख्य यजमान जगन्नाथ अरोरा समिति के अध्यक्ष हरिओम नागपाल, पंजाबी सेवा समिति के अध्यक्ष मोहनलाल अरोरा, झंग बिरादरी के अध्यक्ष जगदीश अरोरा, पंचायत मोहल्ला हनुमान नगर के अध्यक्ष प्रमोद पाहवा, विजय चड्डा, पूर्व अध्यक्ष सत्यपाल बत्रा आदि ने पूजन कराया।
 कथा के दौरान सुश्री गुंजन वशिष्ठ ने रामचरित मानस के बारे मैं साथ ही यह बताया की रामचरितमानस हमें जीवन जीने की कला सिखाती है और जीव का चरित्र राम जैसा बने यह रामायण सिखाती है। राम एक संस्कार है राम एक संस्कृति है रामकेवल महापुरुष मात्र नहीं है राम केवल पुरुष नहीं है राम संस्कार है और राम वह संस्कार जो आज घर-घर में होना चाहिए हमारे उपनिषद कहते हैं। राम वह है जो कण-कण में रमण करते हैं। आगे की कथा के विवरण में मानस में सात कांड हैं। मंगलाचरण करके सुंदर व्याया की भगवान शंकर विश्वास है और मां पार्वती श्रद्धा है, बिना शरदा और विश्वास के भगवत प्राप्ति संभव नहीं हो सकती। इसी के साथ आज की कथा को विराम दिया गया कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं को समिति द्वारा मास्क वितरण थोड़ी दूरी एवं सैनिटाइज किया गया। आज संगीतमय राम कथा में शिव विवाह का वर्णन होगा। संगीतमय रामकथा शाम 6.30 से 9.30 तक प्रतिदिन किया जाएगा।