अपने ही बेटे की किडनैपिंग में नाम आया तो, मां फंदे पर झूल गई

Mar 24 2021

ग्वालियर। अपने ही बेटे के अपहरण में नाम आया तो बदनामी से आहत मां ने फांसी लगाकर जान दे दी। ग्वालियर में यह घटना बुधवार सुबह हुई। दरअसल, दो दिन पहले 9 वर्षीय बच्चे के अपहरण के बाद पांच लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। इस मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। इनमें से एक अपहरणकर्ता ने बयान दिया था कि मां के कहने पर बच्चे को उठाया गया। आरोप लगाने वाला बदमाश बच्चे की मां के मायके का पड़ोसी है। पुलिस को भी जांच में ऐसा कुछ भी नहीं मिला और वह महिला को क्लीनचिट दे चुकी थी।
हालांकि आरोप के बाद से ही महिला व्यथित थी और बदनामी का सामना कर रही थी। बुधवार को जब उसका पति बेटे को स्कूल छोडऩे जा रहा था। इसी दौरान महिला ने घर में ही फांसी लगा ली। महिला फंदे पर लटकी हुई तड़प रही थी। इस पर पति ने तुरंत फंदा काटकर उसे उतारा और अस्पताल ले गया, लेकिन महिला की जान नहीं बचाई जा सकी।
जनकगंज थानाक्षेत्र स्थित हारकोटा सीर निवासी 28 वर्षीय प्रियंका पत्नी जीतू उर्फ जितेन्द्र कुशवाह ने बुधवार सुबह फांसी लगा ली। घटना के समय जीतू बच्चे को तैयार कर स्कूल छोडऩे जा रहा था। बच्चे की परीक्षा चल रही है। कुछ सामान उठाने के लिए वह घर की दूसरी मंजिल पर गया तभी प्रियंका ने खुद को नीचे के कमरे में बंद कर लिया और फांसी लगा ली। जब पति नीचे आया तो तत्काल उसने कुंडी तोड़कर प्रियंका को बाहर निकाला और अस्पताल लेकर पहुंचा। जब उसे फंदे से उतारा तो वह तड़प रही थी। अस्पताल में डॉक्टर ने ऑक्सीजन लगाकर जान बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। जनकगंज थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। फिलहाल पुलिस खुदकुशी के कारणों का खुलासा नहीं कर रही है।
पुलिस ने 6 घंटे में बेटे का मुक्त करा लिया था
दो दिन पहले सोमवार को जनकगंज थानाक्षेत्र स्थित हारकोटा सीर निवासी जितेन्द्र सिंह कुशवाह उर्फ जीतू का 9 वर्षीय बेटा कृष सोमवार दोपहर 3 बजे कोल्डड्रिंक लेने के लिए निकला था। इसके बाद वह घर ही नहीं लौटा। जब काफी देर हो गई तो परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। शाम को 7 बजे जब परिवार वाले जनकगंज थाना शिकायत करने जा रहे थे तभी छात्र के पिता को कॉल आया। कॉल करने वाले ने सीधे कहा कि अपने इकलौते बेटे को जिंदा देखना चाहता है तो 5 लाख रुपए इंतजाम कर लो। जितेन्द्र फॉलवर डेकोरेशन का काम करते हैं। जितेन्द्र ने पुलिस का सूचना दी। पुलिस ने कार्रवाई कर 6 घंटे में बच्चे को मुक्त कराने के बाद अपहरणकर्ता मोहन कुशवाह उर्फ मोनू, 60 वर्षीय किशन पाल और दामोदर कुशवाह को हिरासत में लिया है। इसमें किशनपाल एसएएफ से रिटायर्ड जवान है। अपहरण का मास्टरमाइंड दामोदर था। मंगलवार को तीनों को कोर्ट में पेश किया गया था। मोनू और दामोदर को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। दामोदर प्रियंका के मायके में पड़ोस में रहता है। उसने बच्चे की मां के कहने पर अपहरण करने की बात कही थी। पर पुलिस ने जब छानबीन की तो उस बात में दम नहीं मिली। अपने ही बेटे के अपहरण में नाम उछलने और बदनामी से प्रियंका खुद को बेइज्जत महसूस कर रही थी। मंगलवार रात से उसने खाना भी नहीं खाया था।