जल संरक्षण में कार्य करने वाले लोगों को काम करते रहने की प्रेरणा दी

Mar 23 2021

ग्वालियर। गोपाल किरन समाजसेवी संस्था की मुख्य संरक्षक श्रीमती संगीता शाक्य ओर श्रीप्रकाश सिंह निमराजे अध्यक्ष के नेतृत्व मै एक कदम ओर आगे रखते विश्व जल दिवस के अवसर पर पहली बार जल संरक्षण मैं डॉ.अम्बेडकर के विचारो की वर्तमान मै प्रासंगिकता विषय पर नेशनल सेमीनार व जल को बचाने मैं समर्पित भाव से लगे लोगों को होमगार्ड बहोड़ापुर ग्वालियर के सभागृह में उनको मंच के माध्यम से सम्मान दिया गया। इस प्रयास मैं नागरिक सुरक्षा के वोलेंटियर भी जुड़े। यह कार्यक्रम गोपाल समाज सेवी संस्था ग्वालियर के माध्यम से जल संरक्षण दिवस  पर बाबा भीमराव अम्बेडकर द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के किसानों व कृषि विज्ञान व कृषि विकास के लिए किए गये विशेष योगदान के सबंध में पर एक अतिसफल आयोजन होमगार्ड पुलिस के डिवीजनल  मुख्यालय सम्भागीय ओडोटोरियम बहोड़ापुर ग्वालियर म.प्र में किया गया। कार्यक्रम में बाबा साहव के द्वारा जलसंरक्षण के क्षेत्र में किये गए विशेष कार्यों जैसे दामोदर सागर परियोजना, व देश में बड़े से बड़े बांधों का निर्माण कराया जाये व उनको आपस में जोडकर नदियों में पानी छोड़ा जाये जिससे कि देश के किसानों भाइयों की खेती की फसलों को यथा स्थान व यथा संभव सिचाई उपलब्ध हो सके क्योंकि हमारा देश कृषि प्रधान देश है। नदियों के सम्बंध में तालाबों व पानी रोको अभियान व खेत तलाव, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, चेक डेम, शोकपिट गड्ढा एवं पर्यवरण बचाओ, पेड़ लगाओ के सम्बंध में उपस्थित विद्वनों ने व समाजसेवियों ने भाषण में अपने अपने अति महत्वपूर्ण विचार ब्यक्त किये। 

कार्यक्रम का उद्धघाटन- श्रीमती संगीता शाक्य ने दीप प्रज्वलन व डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। 
कार्यक्रम की रूपरेखा ओर इसकी सोच को  गोपाल किरन समाजसेवी संस्था अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने प्रस्तुत करते हुये बताया की डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारत के संविधान के मुख्य वास्तुकार और उत्पीडि़त नेता के रूप में जाना जाता है। हालाँकि, भारत के जल संसाधनों के प्रबंधन के क्षेत्र में उनके योगदान को व्यापक रूप से नहीं जाना जाता है। संविधान के मुख्य वास्तुकार के रूप में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया गया है, सिंचाई और बिजली और जल संसाधन नियोजन के विकास के लिए उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण को स्वीकार नहीं किया गया है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में समुद्री निवेश शिखर सम्मेलन 2016 में अपने उद्घाटन भाषण के दौरान डॉ. अंबेडकर को भारत में पानी और नदी नेविगेशन नीति के वास्तुकार भी कहा। डॉ.अंबेडकर ने 1942-46 के दौरान सिंचाई और विद्युत ऊर्जा विभाग के प्रभारी के रूप में भारत में जल संसाधन विकास में बहुत योगदान दिया। यद्यपि उन्होंने इस स्थिति में राष्ट्र के विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया, आश्चर्यजनक रूप से, उनके जीवन के इस पहलू का शायद ही अध्ययन किया गया हो।  सेमीनार का उद्देश्य भारत में जल संसाधन विकास के लिए डॉ. अंबेडकर के महान योगदान को उजागर करना है जो शोधकर्ताओं द्वारा शायद ही अध्ययन किया जाता है। डॉ. अंबेडकर ने दामोदर घाटी निगम, हीराकुंड डैम, सोन और कोसी नदी परियोजना की स्थापना में एक महान भूमिका निभाई। उन्होंने भारत में पानी के मुद्दों के लिए एक केंद्रीय प्राधिकरण के गठन में बहुत योगदान दिया। आज का केंद्रीय जल आयोग भी वायसराय की कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में उनके द्वारा किए गए प्रयासों के कारण है। जल संकट के वर्तमान युग में जल संसाधनों से संबंधित उनके विचारों की प्रासंगिकता के बारे इस सेमीनार में चर्चा  करना है। कोन कहता हैं कि आसमाँ में सुराख़ नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों,  हमने आज इस कहावत को पूरी तरह से जीती हैं कि..हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती। यूँ ही किसी की जय जयकार नहीं होती।।"को चरितार्थ कर दिया जिस पर पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल क़लाम ने कहा था कि "सपने वो नहीं हैं जो आप नींद में देखते हैं, सपने तो वो हैं जो आपको सोने ही ना दे"। इस आयोजन से पहले यही हालात रहे लेकिन आज इसकी खुशी है यह आयोजन हम कर रहे है। निमराजे ने बताया है की इस थींम के साथ सभवत ग्वालियर की धरती पर पहली बार इस तरह का कार्यक्रम आयोजित होगा। हमको निराशा का भाव मन मैं   नही आने देना है,हम पहले लोग होंगे जिन्होंने इस विषय पर करने का सोचा है जिसका विषय जल संरक्षण डॉ.अम्बेडकर के विचार की वर्तमान में प्रासंगिता रखा है। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि जल प्रत्येक प्राणी के जीवन का आधार है, जिसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। जल की एक-एक बूंद कीमती है एवं इसका संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। हम सब मिलकर गिरते हुए भू-जल की रोकथाम एवं जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लें।
तदुपरान्त जलसंरक्षण व समाजसेवा के क्षेत्र में जनहित में जिन महानुभूतियों व व्यक्तियों ने उत्कृष्ट कार्य किया उनमे प्रमुख आरडी सिंह, आरएस बघेल, प्रदीप यादव, रामप्रताप रेवाड़, गजेन्द्र कौरव, सुरेश तोमर, एसएल अटेरिया, अशोक निम, आरपीभारती, डी.एल.कोरी, आरपी झा, डॉ. प्रवीण गौतम आदि को मुख्य अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। ओर महिला सम्मान संगीता शाक्य, डॉ.राजकुमारी, कोरोना योद्धा श्याम बाबू हसपुरिया को दिये गये।