बस-ऑटो की भिड़ंत में 13 लोगों की मौत
Mar 23 2021
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार सुबह ऑटो और बस की आमने-सामने से हुई टक्कर में 13 लोगों की मौत हो गई। इनमें ऑटो ड्राइवर और इसमें बैठी 12 महिलाएं शामिल हैं। सभी महिलाएं आंगनबाड़ी में स्कूली बच्चों के लिए खाना बनाकर लौट रही थीं। 9 महिलाओं और ऑटो ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। तीन महिलाओं को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें भी मृत घोषित कर दिया गया।
ऑटो ग्वालियर से मुरैना रोड पर चमन पार्क की तरफ जा रहा था, जबकि बस मुरैना से ग्वालियर आ रही थी। हादसा आनंदपुर ट्रस्ट अस्पताल के सामने हुआ। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुरानी छावनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है। मृतकों में से 9 की पहचान हो गई है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में ग्वालियर आरटीओ एपीएस चौहान को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।
परिजन ने 10 लाख रु. मुआवजा और नौकरी मांगी
हादसे के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए लाया गया। पीएम के बाद शवों को एंबुलेंंस में रखते ही लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। शव वाहन के ड्राइवर को मारकर भगा दिया। लोगों की मांग थी कि मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा, नौकरी और बच्चों को उच्च शिक्षा तक की पढ़ाई मुफ्त में दी जाए। मौके पर कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक और सतीश सिकरवार भी मौके पर पहुंच गए। नेताओं ने कहा कि मृतकों के सीधी बस हादसे में 7-7 लाख रुपए दिए गए थे, इसी तरह से यहां पर भी मदद दी जाए। इसके बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि परिजनों को सीधी हादसे में जैसी मदद दी जाएगी। इसके बाद शव जाने दिया गया। सरकार ने चार-चार लाख रु. देने की घोषणा की हुई है।
मौत ने सभी को दो की जगह एक ऑटो में किया
चश्मदीदों ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाली सभी 12 महिलाएं दो ऑटो से लौट रही थीं। इनमें से एक ऑटो में सिर्फ 3 सवारी बैठाने की कैपेसिटी थी, लेकिन 6 बैठाई गई थीं। रास्ते में एक ऑटो खराब हो गया। तब इसमें बैठी 6 महिलाएं साथ चल रहे दूसरे ऑटो में बैठ गईं। इस तरह एक ही ऑटो में 12 सवारी हो गईं।
उन्होंने तय किया था कि पुरानी छावनी से दूसरा ऑटो कर लेंगे, लेकिन शायद मौत ने ही उन्हें एक ऑटो में किया था।
हमेशा के लिए बिलखता छोड़ गईं अपने बच्चे, कई घरों में तो कोई कमाने वाला तक बचा
मंगलवार को आंगनबाड़ी में मासूमों को बंटने वाली खीर पूरी, हलवा बनाने निकली 12 महिलाएं अपने बच्चों को हमेशा के लिए बिलखता छोड़ गईं। कुछ घर तो ऐसे भी हैं जहां कमाने वाला तक कोई नहीं बचा। मंगलवार सुबह पुरानी छावनी आनंदपुर ट्रस्ट के सामने हुए दर्दनाक हादसे में एक ऑटो में सवार सभी 12 महिलाओं सहित 13 की मौत हो गई है। जिन महिलाओं की मौत हुई है उनकी कहानी इस दर्दनाक हादसे से भी ज्यादा दर्द भरी है। इनमें से ज्यादातर महिलाएं अपनी गरीबी से उबरने के लिए आंगनबाड़ी में खाना बनाते जाती थीं। गोला का मंदिर के शिव कॉलोनी, जड़ेरूआ कला, पिंटो पार्क इलाके में यह रहती थीं वहां सुबह से मातम पसरा हुआ है। दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालीं 12 महिलाओं के घर की क्या है स्थिति पर एक नजर।
राजिन्द्री पाल
हादसे में जान गंवाने वाली 42 वर्षीय राजिन्द्री पाल अपने घर में अकेली कमाने वाली थी। पति प्रकाश पाल की वर्ष 2014 में मौत हो चुकी है। दो बेटों 16 वर्षीय करन और 14 वर्षीय सतीश की जिम्मेदारी उस पर ही थी। पति की मौत होने के बाद वही पूरे घर को संभाल रही थी। मंगलवार सुबह हुए हादसे में राजिन्द्री की मौत के बाद उसके बच्चों पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में कोई कमाने वाला नहीं है।
ऊषा जाटव
38 वर्षीय ऊषा जाटव पत्नी कोमल जाटव, बेटी को दरवाजे से विदा करने की हसरत हमेशा के लिए छोड़कर चली गई। पति पेंटर है और घर की स्थिति बेहद खराब है। इसिलए 2 साल से वह आंगनबाड़ी मे खाना बनाने जाती थी। तीन बच्चे हैं बड़ी बेटी 18 वर्षीय वर्षा, बेटे 12 वर्षीय संजय, 10 वर्षीय राज हैं। बड़ी बेटी की मई में शादी थी। पर बेटी को अपने हाथों से विदा करना उसके नसीब में नहीं थी।
लक्ष्मी वर्मा
33 वर्षीय लक्ष्मी वर्मा पत्नी केशव वर्मा घर की हालत बेहद खराब, मुश्किल से गुजारा होता है। पति मजदूरी करता है उसका हाथ बंटाने के लिए एक महीने पहले ही लक्ष्मी ने एक सहेली ऊषा की मदद से आंगनबाड़ी में काम शुरू किया था। उसकी मौत के बाद उसके तीन बच्चे 10 वर्षीय मोहित, 8 साल की पूजा व 6 साल का वरुण के सिर से मां का हाथ हट गया है।
कमला राठौर
55 साल की कमला पत्नी रामदास राठौर की जिंदगी तो दर्द भरी ही रही है। कोई बच्चा नहीं है, कुछ साल पहले पति की भी मौत हो चुकी है। अपनी अजीविका चलाने के लिए वह खुद काम करती थी। इस हादसे में उसके साथ उसके सारे दर्द भी चले गए।
गीता राठौर
32 वर्षीय गीता पत्नी बंटी राठौर की भी हादसे में मौत हुई है। पति बंटी कुछ काम नहीं करता और घर की हालत बेहद खराब है इसलिए गीता आंगनबाड़ी में खाना बनाने जाती थी। उसके तीन बच्चे 14 साल का राज, 8 साल का प्रिंस, और शिवानी। सोमवार शाम को बच्चों से कहकर गई थी लौटकर चॉकलेट खिलाएगी, लेकिन वह लौटी नहीं। इसी हादसे में गीता की बुआ 55 वर्षीय कमला, मौसी 45 वर्षीय आशा राठौर पत्नी स्व. अबध किशोर, चाची 45 वर्षीय ऊषा राठौर पत्नी गिर्राज राठौर की भी मौत हुई है।
ननद-भाभी के उजड़ गए घर
दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय मुन्नी बाई पत्नी परसुराम पाल और उसकी भाभी 37 वर्षीय बिट्टी बाई पत्नी मचल सिंह पाल की मौत हुई है। मुन्नी के दो बेटे दो बेटी हैं। मुन्नी के पति परसुराम की मौत के बाद पूरे परिवार को वही पाल रही थी। पर उसकी मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। बिट्टी भी अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए मेहनत कर रही थी। उसके तीन बेटे मनीष, अनिल और सुनील हैं। बड़े बेटे की उम्र 16 और छोटे की10 साल है।
अनीता घर में कोई कमाने वाला नहीं
ऑटो और बस की भिडंत में जान गंवाने वाली 36 वर्षीय अनीता पाल के पति महेश पाल इस दुनिया में नहीं है। अनीता पर अपने दो बच्चों व सास-ससुर की जिम्मेदारी थी। वह दिन रात मेहनत कर गरीबी से परिवार को बाहर निकाल रही थी,लेकिन उसकी मौत ने पूरे परिवार फिर संकट में डाल दिया।
हरबो बाई
65 वर्षीय हरबो बाई के पति बाबूलाल बाथम का निधन 8 साल पहले हो चुका है। वह 4 साल आंगनबाड़ी में काम कर रही थीं। उनके साथ ही 65 वर्षीय मायादेवी पत्नी स्व. रामौतार प्रजापति भी निवासी के बुजुर्ग कंधों पर पूरे घर का भार था। उनके जाने के बाद उनके बच्चों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।
ऑटो चलाकर करता था गुजारा
हादसे में ऑटो चालक धर्मेन्द्र पुत्र हरदयाल परिहार की भी मौत हुई है। यह जडेरूआ पर रहता था और ऑटो से ही उसका उसकी पत्नी, दो बच्चे, मां-पिता व बहन-भाई का गुजारा चलता था। दर्दनाक हादसे में उसकी मौत ने पूरे घर को दौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है।
मंत्री तोमर घटनास्थल पर पहुंचे
ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर सूचना मिलते ही जलालपुर रोड स्थित घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे का कारण जाना। इस मौके पर उन्होंने मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की व मृतकों के परिजनों को ढ़ाढस बंधाया। मंत्री तोमर के अलावा पुलिस अधीक्षक अमित सांघी सहित बड़ी संख्या में पुलिस के आला अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे और हादसे की जांच-पड़ताल की।
पोस्टमार्टम हाउस पर मचा कोहराम
एक साथ 13 शव आने से पोस्टमार्टम हाउस पर कोहराम मच गया लोग अपने-अपने परिचितों के शव का पोस्टमार्टम होने का इंतजार कर रहे थे। सुबह से ही पोस्टमार्टम हाउस पर मृतकों के परिजनों और परिचितों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था।
परिवहनमंत्री ने लिया तत्काल एशन
परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने घटना के एक घंटे के अंतराल में ही ग्वालियर आरटीओ एपीएस चौहान को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया।
प्रतिदिन जाती थीं सेंटर पर खाना बनाने
ऑटो में सवार महिलाएं प्रतिदिन चमन पार्क में स्थित आंगनवाड़ी सेंटर पर शहर भर के आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चों के लिए खाना बनाने के लिए जातीं थीं और आज भी खाना बनाने के लिए ही गई थीं।
देखते ही देखते खून से लाल हो गई सड़क
हादसा कितना जबरदस्त था इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते खून से लाल हो गई सड़क। जिधर देखो उधर खून ही खून नजर आ रहा था।
मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए देगी सरकार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर दुख जताया है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए की मदद देने का ऐलान किया है।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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