बाजारों की भीड़ पर नहीं है प्रशासन का फोकस, केवल एक घंटे सड़कों पर उतरने से क्या चला जाएगा कोरोना?

Mar 20 2021

ग्वालियर। शहर में जिस तेजी से कोरोना संक्रमितों की संख्या में वृद्धि हो रही है उसके परिपेक्ष्य में चैकिंग ना के बराबर है जिसके कारण कोरोना का कहर कम होने की बजाय और बढ़ रहा है और हालात यह है कि प्रतिदिन चालीस के आसपास केस सामने आ रहे हैं। अगर यही हालात रहा तो आने वाले दिनों में शहर के हालात भी भोपाल और इंदौर की तरह हो जाएंगे और प्रशासन को संभालना मुश्किल हो जाएगा। अभी जब तक वेक्सीन नहीं लगी तब तक मास्क ही कोरोना से बचाव है बाबजूद इसके शहर में मास्क को लेकर लोग गंभीर नहीं हैं और प्रशासन भी इसमें अधिक दिलचस्पी नहीं ले रहा महज एक दो घंटे शाम के समय केवल सड़कों पर पुलिस बल सौ-पचास चालान कर मामले से इतिश्री कर लेते हैं। बाजारों में जिस कदर से भीड़ बढ़ रही है उस पर ना तो प्रशासन का फोकस है और ना ही पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है जिसके कारण रोज लोग अपने घरों में कोरोना को लेकर आ रहे हैं, इसके गंभीर परिणाम आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे। 
उल्लेखनीय है कि एक साल बाद फिर से कोरोना की दूसरी लहर ने भले ही सभी को चिंता में डाल दिया हो पर अभी भी लोग बेफिक्र हैं और सुबह से लेकर देररात तक बाजारों में ऐसे भीड़ लगी रहती है मानो बड़े दिनों के बाद बाजार खुले हों। हालांकि प्रशासन के द्वारा जारी आदेश के बाद अधिकांश बाजार रात दस बजे पूर्णरूप से बंद हो जाते हैं पर सड़कों पर आज भी देररात तक लोगों की चहल-कदमी बरकरार है जिसके कारण कोरोना गति पकड़ रहा है। दो दिन में अस्सी मरीज मिलने से जल्द ही भोपाल, इंदौर और जबलपुर की तरह ग्वालियर में भी प्रशासन को सख्ती करना पड़ेगी नहीं तो आने वाले दिनों में पूर्ण लॉकडाउन के आसार बन जाएंगे और फिर स्थिति को संभालना असंभव हो जाएगा।
 आज शहर में मास्क पहनना जरूरी है पर मास्क के नाम पर चेकिंग महज एक-दो घंटे पुलिस बल सड़कों पर नजर आ रहा है। जिन बाजारों में भारी भीड़ हो रही है वहां ना तो प्रशासन ध्यान दे रहा और ना ही पुलिस बल चैकिंग कर रहा। जिसके कारण मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की खुलेआम धज्जियां उड़ रहीं हैं। यहां यह बताना भी जरूरी है कि ना सिर्फ बाजारों में भीड़ उमड़ रही है बल्कि सार्वजनिक स्थलों,पार्क और मॉलों में भी खरीदारों का हुजूम सा उमड़ रहा है। इन स्थानों पर चैकिंग शून्य है और खरीदार व व्यवसाई पूरी तरह से लापरवाही बरतते हुए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का मखौल उड़ाने में लगे हुए हैं। प्रशासन को जिन स्थानों पर अधिक फोकस करना चाहिए अभी वहां प्रशासन का ध्यान नहीं गया जिसके कारण बिना मास्क के लोगों का आने-जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। 
इतना ही नहीं पुलिस बल जो चैकिंग कर रहा है वह भी ना के बराबर है और इससे कोरोना किसी भी हालत में कम नहीं होता दिख रहा। अगर यह कहें कि जब मास्क है जरूरी तो फिर जांच यों है अधूरी तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।
जांच-पड़ताल में भी कोताही बरत रहा है प्रशासन 
अन्य प्रांतों और बड़े-बड़े शहर से आने वाले लोगों की जांच-पड़ताल में भी प्रशासन कोताही बरत रहा है और पूर्व में जिस प्रकार से कान्टेट हिस्ट्री व कोरोना की अन्य जांचे की जाती थी वैसी अब बिल्कुल नहीं हो रहीं जिसके चलते लोग बेखबर होकर दूसरे शहरों से कोरोना को लेकर आ रहे है। जांच ना होने से कोरोना संक्रमित लोग अपने आसपास के लोगों के साथ-साथ अपने परिजनों और रिश्तेदारों को भी मुसीबत में डाल रहे हैं। 
वाहनों की भी हो जांच पड़ताल 
केवल बाइक सवार लोगों पर चालानी कार्रवाई करने से कोरोना खत्म नहीं होगा। टेम्पो, ऑटो, बसों और अन्य वाहनों में लोग भूसे के समान भरकर जहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं वहीं मास्क न पहनकर कोरोना को खुला आमंत्रण दे रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को बस स्टेंड और रेलवे स्टेशन के साथ-साथ क्षमता से अधिक सवारियां भरे वाहनों पर भी शिकंजा कसना चाहिए। 
बाजारों में तैनात हो टीम 
जिस प्रकार से सुबह-शाम सड़कों पर पुलिस बल खड़ा हो जाता है और बिना मास्क पहने लोगों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करता है ठीक उसी प्रकार से शहर के प्रमुख बाजारों महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, डीडवाना ओली, चावड़ी बाजार, गांधी मार्केट, नजरबाग मार्केट, कंपू, हजीरा, किलागेट, मुरार बारादरी, संतर, सिटी सेंटर आदि स्थानों के साथ-साथ मॉल के आसपास भी टीमों को तैनात किया जाए और बिना मास्क वाले लोगों पर चालानी कार्रवाई की जाए तभी कोरोना को कुछ हद तक रोका जा सकता है। 
दिनभर चले अभियान 
अभी बिना मास्क लोगों की धरपकड़ के लिए सुबह- शाम एक-दो घंटे के लिए सड़कों पर पुलिस बल तैनात रहता है जबकि जिस समय बाजारों और सड़कों पर अधिक भीड़ रहती है उस समय पुलिस बल प्वाइंटो से गायब रहता है जिससे लोग बिंदास होकर कोरोना को चेलेंज देने में लगे हुए हैं।
जनता को भी होना पड़ेगा सतर्क
शहर में जिस प्रकार से कोरोना की दूसरी लहर गति पकड़ रही है उसे लोग ना सिर्फ गंभीरता से लें बल्कि भीड़-भाड़ वाले इलाकों से परहेज करें और घर से निकलते समय मास्क का उपयोग अवश्य करें। एक जागरुक नागरिक की भांति खुद मास्क लगाएं और जो लोग मास्क नहीं लगाए उन्हें भी मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें।
सोशल डिस्टेंसिंग का भी हो पालन
आज जिस प्रकार से कोरोना गति पकड़ रहा है उससे सोशल डिस्टेंसिंग का बहुत बड़ा रोल हो गया है और जब हर व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेगा तो कोरोना पास भी नहीं फटक पाएगा। इसलिए सतर्क रहें और सामाजिक दूरी का पालन करें।