दवा व्यवसायी को मोबाइल पर 10 रुपए की लिंक भेजकर, ठग लिए 90 हजार

Mar 11 2021

 ग्वालियर। दवा व्यवसायी को ठग ने 10 रुपए की लिंक भेज कर ठगी का खेल शुरू किया और कुछ ही मिनट में 90 हजार रुपए खाते से साफ कर दिए। घटना शहर के गोल पहाडिय़ा इलाके की है। ठगी का अहसास होने के बाद पीडि़त एसपी ऑफिस में साइबर सेल पहुंचा। यहां से उसे क्राइम ब्रांच थाना जाने को कहा। जब क्राइम ब्रांच पहुंचा तो वहां से राज्य साइबर जोन थाना कंपू जाने को कहा। कंपू पहुंचे तो जवाब मिला कि यह तो साइबर ठगी ही नहीं है। इसके बाद पुलिस के उन सभी दावों की पोल खुलती है जिसमें कहा जाता है कि ठगी का शिकार 24 घंटे के अंदर पहुंचे तो पुलिस उसका पैसा वापस दिला सकती है। आखिर में पीडि़त एसपी ऑफिस में आवेदन देने में सफल हुआ है।
शहर के जनकगंज गोल पहाडिय़ा निवासी 38 प्रमोद शिवहरे दवा व्यवसायी हैं। गोल पहाडिय़ा पर ही उनकी मेडिकल स्टोर है। 8 मार्च को उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कॉल रिसीव होते ही कहा और कैसा है यार। व्यापारी को उसकी आवाज पीटीएस तिघरा में पदस्थ एक दोस्त जैसी लगी। व्यवसायी ने पूछा कहां तिघरा से बोल रहा है। उसने भी जवाब दे दिया हां तिघरा ही हूं अभी। इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा कि उसे एक से 20 हजार रुपए लेने हैं। मैं नहीं आ पा रहा हूं। तुमको फोन पे पर डलवा देता हूं। तुम्हारे पास से मैं कभी भी ले लूंगा। इसके बाद रात को व्यापारी के पास एक बार कोड आया और मैसेज में उसे स्कैन करने के लिए कहा। इस पर व्यापारी ने स्कैन करने से मना कर दिया।
अगले दिन व्यवसायी पर फिर से एक 10 रुपए की लिंक भेजी गई। व्यवसायी ने लिंक पर क्लिक किया तो उसके खाते से 10 रुपए कट गए। व्यापारी ने कहा कि 10 रुपए तो खाते से चले गए। इस पर लिंक भेजने वाले ने कहा कि वह चेक कर रहा था। अब वह 20 हजार रुपए के लिए लिंक भेज रहा है। उसे स्वीकार कर लो। उसने वापस लिंक भेजी। इस पर व्यापारी के खाते से 20 हजार रुपए निकल गए। खाते से 20 हजार रुपए कटने पर व्यापारी नाराज हुआ। कॉल करने वाले ने कहा गलती से आपके पैसे मेरे खाते में आ गए हैं। मैं 40 हजार की लिंक भेज रहा हूं। इसमें 20 आपके जो गलती से मेरे खाते में आ गए हैं और शेष जो मुझे आपको देने थे। फिर एक लिंक आई इस पर लिंक को क्लिक करने पर 40 हजार रुपए निकल गए। इसके बाद एक 30 हजार रुपए की लिंक और भेजी। कुल 90 हजार रुपए ठग लिए गए। इसके बाद व्यापारी ने पूरी बात अपने एक दोस्त को बताई तब पता लगा कि वह ठगी का शिकार हो रहा है। आरोपी का मोबाइल ऑन है बात करने पर वह रुपए लौटाने की बात कह रहा है, पर लौटा नहीं रहा है। ट्रू कॉलर पर उसका नंबर पंकज कुमार दिल्ली के नाम पर शो कर रहा है।
ठगों से ज्यादा पुलिस से हुआ दुखी
घटना के बाद पीडि़त प्रमोद शिवहरे सबसे पहले एसपी ऑफिस स्थित साइबर सेल के दफ्तर पहुंचा। यहां पर साइबर सेल में बैठे पुलिस अफसरों ने कहा कि यह बड़ा मामला है इसकी शिकायत वह क्राइम ब्रांच थाना में करे। जब पीडि़त क्राइम ब्रांच थाना पहुंचा तो वहां पुलिस ने जवाब दिया कि 50 हजार रुपए से ज्यादा की ठगी की शिकायत राज्य सायबर जोन थाना कंपू पर होती है। परेशान ठगी का शिकार कंपू राज्य साइबर जोन थाना पहुंचा। यहां पर एक सब इंस्पेक्टर बैठे थे। इन्होंने तो हद ही कर दी। उनका कहना था कि यह पैसा तो आपने खुद उनके खाते में डाला है। यह साइबर ठगी है ही नहीं। उन्होंने केस लेने से मना कर दिया। इसके बाद पीडि़त ने किसी तरह एसपी ऑफिस में आवेदन दिया है। पीडि़त को आवेदन पर जांच की जरा भी उम्मीद नहीं है।
सतर्कता ही बचाव है
इस मामले में स्क्क ग्वालियर अमित सांघी का कहना है कि आवेदन आया है और जांच की जा रही है। लोग सतर्क रहें ऐसे किसी के लिंक भेजने पर उसे स्वीकार न करें। क्योंकि सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।