महिलाओं के लिए कोई काम नहीं है मुश्किल: लोको पायलट

Mar 07 2021

ग्वालियर। आज के इस भौतिक युग के दौर में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कतई पीछे नहीं है कल तो जो चुनौतीपूर्ण काम केवल पुरुषों के हवाले ही थे वे सभी चुनौती पूर्ण काम को महिलाएं बखूबी अंजाम देकर अपना लोहा मनवा रही है।यदि महिला कोई काम करने की ठान ले तो वह पूरा करके ही मानती है मेंने भी रेल इंजन चलाने का सपना बचपन से ही पाले रखा था जिसे मेंने बड़े होकर अपना रूटीन बना लिया। कोई भी काम मुश्किल नहीं होता है वह मेहनत व लगन से ही पूरा किया जा सकता है। यह कहना है बीते आठ साल से रेल इंजन दौड़ा रही रेल मण्डल झांसी में पदस्थ लोको पायलट कौशल्या का कहना है। इस बार महिला दिवस को यादगार बनाने के लिए आज एनसीआर मण्डल झांसी ने ट्रेन दौड़ाने की कमान महिला लोको पायलट को सौंपी है।
आज सोमवार को महिला दिवस के मौके पर झंासी से बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस के इंजन की कमान संभालते हुए लोको पायलट कौशल्या कुमारी- आकांक्षा गुप्ता की जोड़ी ट्रेन को ग्वालियर लेकर पहुंचेगी। इस बार भी आठ मार्च को महिला दिवस पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस में महिला ड्राइवर, सहायक लोको पायलट, गार्ड, टीटीई समेत सभी कर्मचारी महिलाएं होगीं। 
2015 से दौड़ा रहीं ट्रेन
झांसी में गुड्स लोको पायलट के तौर पर तैनात कौशल्या देवी हर इंजन को चलाने में माहिर हैं। सिग्नल को देखना और ट्रैक पर निगाह रखने के साथ वे इंजन का पूरा दारोमदार संभालती हैं। वे कहती हैं कि ट्रेन चलाना चुनौती पूर्ण काम है, लेकिन इसमें अच्छा लगता है। वहीं सहायक लोको पायलट आकांक्षा गुप्ता भी 2015 से ट्रेनों की कमान संभाल रही हैं। झांसी की निवासी आकांक्षा पहले नागपुर मंडल में थी। जहां उन्होंने कई ट्रेनों का संचालन किया। वे कहती हैं कि ट्रेन चलाने के दौरान सतर्क रहना होता है। एक मिनट की लापरवाही भी मुसीबत बन सकती है। इसके लिए उनको रेलवे की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है।