संगठित शक्ति से ही पा सकते हैं अपना लक्ष्य : मिश्रा

Mar 03 2021

ग्वालियर। आज सभी वर्ग के ब्राहणों को एकजुट होने की महती आवश्यकता है, ताकि ब्राहण अपनी शक्ति को पहचान सकें। ब्राहणों को एकजुटता दिखाकर आगे बढऩा होगा। ब्राहणों को समाज में अपनी मौजदूगी प्रकट कराना होगी। आजादी का आंदोलन ब्राह्मणों ने शुरू किया था इसलिए अब आरक्षण के खिलाफ भी ब्राह्मणों को ही जंग शुरू करना होगी। संसद से लेकर विधानसभाओं में बैठे ब्राह्मण एमपी व एमएलए आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने के लिए अपनी आवाज बुलंद करें।
यह बात ब्राहण अंतर्राष्ट्रीय संगठन, भारत द्वारा बुधवार को आयोजित सम्मेलन एवं राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान कार्यक्रम के मुय अतिथि पं.उदय मिश्रा अंतर्राष्ट्रीय, परमाध्यक्ष ने कही। उन्होंने कहा कि आज गौरव का दिन है। जब हमारे शहर में ब्राहण संगठन का सम्मेलन और अधिवेशन हो रहा है। इस दौरान अधिवेशन को प्रमुख रूप से प्रमुख अतिथि सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, विशेष अतिथि पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा समेत कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ब्राहण अंतर्राष्ट्रीय संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. बालेन्दु शुक्ला ने भी संबोधित किया।
अधिवेशन में प्रमुख रूप से समाजसेवी एवं प्रकाश नारायण शर्मा, पीडी मिश्रा राष्ट्रीय महामंत्री,प्रांतीय अध्यक्ष डीडी मिश्रा, एसएन द्विवेदी राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी, कार्यक्रम संयाजक एसके शर्मा, ओंकार मिश्रा, राकेश शर्मा, महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष सावित्री पांडे, हरीकांत समाधिया समेत प्रांजल गौड़ मौजूद रहे। स्वागत भाषण रामबाबू कटारे ने दिया। 
संतों का किया सम्मान
कार्यक्रम शुरू होने से पहले सभी अतिथियों ने दीप पूजन किया। उसके बाद शस्ति पूजन हुआ। तत्पश्चात कुमारी शिवात्मिका सुल्लेरे ने गणेश वंदना और शिव स्त्रोतक पर अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। मंच पर विराजमान सभी अतिथियों ने अधिवेशन में पधारे संत ढोली बुआ महाराज, गंगादास की शाला के रामसेवक महाराज, जडेरुआ सरकार और गोपाल दास साडा आश्रम की शॉल-श्रीफल देकर सम्मान किया।
मंच पर बैठे वताओं ने कहा आज का दिन ऐतिहासिक है जब ग्वालियर की धरा पर ब्राहणों का राष्ट्रीय समेलन और अधिवेशन हो रहा है। मुख्य अतिथि द्वारा बताया गया कि ब्राहण अंतर्राष्ट्रीय संगठन एक विश्वव्यापी संगठन के रूप में स्थापित हो चुका है।