चीतल का शिकार करने वाले 2 आरोपी, वन विभाग के हत्थे चढ़े शिकारी

Feb 27 2021

ग्वालियर। वन विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है। 4 दिन पहले चीतल (हिरन) का शिकार करने वाले गैंग के दो शिकारी पकड़े गए हैं। इनके पास से चीतल की खाल, कुछ मांस, सींग और सिर मिला है। पकड़े गए दोनों शिकारियों से पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया। पूछताछ में कई सालों से शिकार करने की बात यह कह रहे हैं। इस मामले में करंट लगाकर चीतल को मारना बता रहे हैं। शिकारियों ने खुलासा किया है कि उनके और शिकार के बीच में जो भी आता है, वह उसे भी नहीं छोड़ते हैं। 
एसडीओ ग्वालियर राजीव कौशल ने बताया कि 4 दिन पहले वनक्षेत्र में पनिहार चौकी के पास मऊच घाटी में एक चीतल के शिकार की सूचना मिली थी। जब वन विभाग की टीम वहां पहुंची तो शिकारी चीतल को लेकर भाग चुके थे। टीम को शिकार होने के पुख्ता सबूत मिले थे। तभी से लगातार शिकारियों की छानबीन की जा रही थी। शनिवार सुबह मऊच घाटी के जंगल में एक बार फिर वही शिकारी गैंग चीतल का शिकार करने आई थी। इस इलाके में चीतल आसानी से चरते मिले जाते हैं। इसलिए यहां शिकारी आते रहते हैं। शिकारी टीम ने एक चीतल पर निगरानी शुरू की लेकिन वह नहीं जानते थे कि वन विभाग की टीम ने उनको घेर लिया है। जैसे ही शिकारियों की नजर वन विभाग की टीम पड़ी तो वह भागे। इनमें से दो को वन अमले ने पकड़ लिया। उनके 3 से 4 साथी भाग गए। पकड़े गए दोनों शिकारियों की पहचान गब्बर पुत्र अल्वेल सपेरा निवासी मऊच, इरशाद उर्फ छोटू खां निवासी मऊच के रूप में हुई है। जब इनकी निशानदेही पर इनके ठिकानों पर दबिश दी तो इनके घर से मारे गए चीतल का मांस, हड्डियां, खाल और सिर बरामद हुआ है। सभी को जब्त कर आरोपियों से पूछताछ की गई। साथ ही उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।
करंट से मारी थी चीतल
पकड़े गए शिकारियों से पूछताछ में पता लगा है कि वह सपेरा समुदाय और नाथ समुदाय के हैं। वह सालों से शिकार पर ही जीवन यापन कर रहे हैं। वह तीर कमान, चाकू और कट्टा से शिकार को अंजाम देते हैं लेकिन कुछ समय से वह करंट लगाकर शिकार करते हैं। जहां चीतल आती हैं, वहां वायरिंग कर बैटरी से जोड़ देते हैं। जैसे ही शिकार तार में उलझता है, करंट लगने से बेहोश हो जाता। इसी समय शिकारी उसे मार देते थे।
पिछले साल इन्हीं जंगल में शिकारियों को रोकने गए वन विभाग के एक जवान की शिकारी ने हत्या कर दी थी। उस संबंध में पूछताछ करने पर शिकारियों ने बेखौफ होते हुए कहा है कि उनके और शिकार के बीच में कोई आता है तो वह उस पर भी हमला करने से बाज नहीं आते हैं।