गांधीजी का सरनेम चुराकर 70 साल राजनीति की है, अब कांग्रेस उनके विचारों को तिलांजलि दे रही है-सारंग

Feb 27 2021

ग्वालियर। गोड़से भक्त बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में शामिल होने पर मचा बबाल अभी थमते नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को इस आग में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने भी घी डाल दिया है। उनका कहना है कि गांधी जी का सरनेम चुराकर नेहरू परिवार ने 70 साल तक देश में राजनीति की है। अब कांग्रेस उन्हीं गांधी के विचारों को इस तरह तिलांजलि देने का काम कर रही है। कांग्रेस की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। कांग्रेस नेताओं से कहना चाहता हूं केवल टोपी पहनने से और सरनेम गांधी लगा लेने से गांधीगिरी नहीं होगी। चलो हमें जवाब नहीं दो, लेकिन अरुण यादव को तो जवाब दे दो।
शनिवार को अल्प प्रवास पर आए प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विश्वास सारंग गजाराराजा मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं। यहां उन्होंने जीआरएमसी, जेएएच परिसर का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों की बैठक ली है। बैठक लेने के बाद जब वह बाहर निकले तो हाल ही में हिंदू महासभा के इकलौते पार्षद रहे और गोड़से भक्त बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस दल में शामिल होने पर खुलकर बात की। उनका कहना था कि चाहे राहुल हों, कमलनाथ या सोनिया हो। दिग्विजय सिंह दिन भर ट्वीट-ट्वीट खेलते रहते हैं। इस विषय पर कुछ ट्वीट किया है क्या। कुछ तो बोलों।
इसके बाद मंत्री विश्वास सारंग ने शायराना अंदाज में कहा कि "यू न चल पड़ेगा जमाना किसी के साथ, नीयत भी नेक चाहिए गांधीगिरी के साथ" इससे उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर चुटकी ली है। साथ ही मेडिकल कॉलेज में बैठक के बारे में बताया कि लोगों को अच्छा इलाज मिले, सारी व्यवस्थाएं हो। कॉर्डियक विभाग में सुविधाएं और बढ़ें। यहां मेडकिल कॉलेज में पढ़ाई का स्तर अच्छा करने पर जोर देने के लिए बात की है। जल्द नर्सिंग स्टाफ की भर्ती के लिए भी प्रयास कर रहे हैं।
तीन दिन में फर्जीवाड़े की जांच होगी पूरी
मंत्री विश्वास सारंग ने एक दिन पहले ही जेएएच के हड्डी जोड़ विभाग में पकड़े गए फर्जी ड्रेसर मामले की जांच के लिए संभागीय आयुक्त आशीष सक्सैना को जेएएच से बाहर के सदस्यों की एक कमेटी बनाने के लिए कहा है। साथ ही तीन दिन में जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर एक्शन लिया जाएगा।
दस मिनट में कार्डियक यूनिट में बना नया वार्ड
मंत्री डॉ. विश्वास सारंग जब जेएएच के कार्डियक विभाग में पहुंचे तो वहां जमीन और स्ट्रेचर पर मरीजों को देखकर काफी नाराज हुए हैं। यहां जेएएच प्रबंधन की क्लास लेते हुए कहा कि मेरे जाने से पहले यहां नया वार्ड बन जाए। उनके नाराज होते ही कॉर्डियक विभाग के प्रथम तल पर तत्काल 10 बेड लगाकर एक वार्ड तैयार कर दिया गया। जहां मरीजों को भर्ती किया गया है।
पर्चे पर न सील न डॉक्टर का नाम
इसी समय उन्होंने रूककर एक मरीज के परीजन से अस्पताल का पर्चा मांग लिया। पर्चे में न अस्पताल की सील थी न ही इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम था। इस पर भी वह काफी नाराज हुए हैं। पर्चे पर अस्पताल की सील और डॉक्टर के नाम के निर्देश दिए हैं।