पत्थर खोद रहे माफिया ने वन अमले को घेरा, 20 मिनट तक गोलियां चलाकर जेसीबी और साथी छुड़ा ले गए

Feb 26 2021

ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाहे जितने दावे कर लें, लेकिन माफियाराज हावी है। तिघरा के जंगल में पत्थर के अवैध उत्खनन को रोकने पहुंचा वन अमला खुद ही घिर गया। अचानक झाडिय़ों से गोलियां बरसने लगीं। माफिया ने 20 मिनट तक रुक-रुक कर गोलियां चलाईं। वन विभाग और एसएएफ के जवानों ने बमुश्किल छिपकर जान बचाई। इस दौरान पत्थर माफिया जेसीबी मशीन के साथ बंधक बने अपने साथी को भी छुड़ा ले गए। घटना रात 1.40 बजे की है। बताया जा रहा है कि जवान से कार्बाइन छीन ली गई थी। बाद में वह घटनास्थल पर ही पड़ी मिल गई तो पुलिस ने राहत की सांस ली। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
एसडीओ घाटीगाव सर्किल संजीव कुमार ने बताया कि रात को करीब 12.50 बजे सूचना मिली थी कि तिघरा थाना क्षेत्र के लखनपुरा इलाके में खनन माफिया द्वारा पत्थर का अवैध खनन किया जा रहा है। सूचना पर रेंजर विकास मिश्रा के साथ ही तिघरा चौकी प्रभारी सुनील जेवियर, गेमरेंज सुपरवाइजर शंकर खलको के साथ ही वन विभाग का अमला निकला। साथ में एसएएफ का बल भी था। यह सभी लखनपुरा के जंगल में पहुंचे, जहां एक जेसीबी मशीन से पत्थर का उत्खनन करती मिला। वन विभाग व एसएएफ के बल ने जेसीबी मशीन को घेर लिया और जेसीबी चला रहे ऑपरेटर को अपनी निगरानी में ले लिया।
वन अमले ने मशीन जब्त कर एक ऑपरेटर को पकड़ा ही था कि तभी अचानक जंगल की झाडिय़ों से फायरिंग शुरू हो गई। वन अमले को संभलने का मौका ही नहीं मिला। जवान अपनी राइफल तक नहीं निकाल पाए। किसी तरह छिपकर अपनी जान बचाई। रुक-रुक माफिया गोली चला रहे थे। इसी दौरान वे अपनी जेसीबी मशीन और ऑपरेटर को छुड़ा ले गए। गोलीबारी की सूचना पुलिस को दी गई। जब तक पुलिस पहुंची माफिया सामान समेटकर भाग चुके थे।
माफिया ने हमला करने के बाद एक एसएएफ जवान से कार्बाइन लूट ली है। यह खबर पुलिस के पास पहुंची थी। पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल पर छानबीन की तो कार्बाइन वहीं पड़ी मिल गई है। पुलिस को आशंका है कि अचानक हमले से जवान छिपने के लिए भागे होंगे तो गन छूट गई होगी।
तिघरा के जंगल में लखनपुरा के पास 15 दिन में दूसरी बार वन विभाग के अमले पर हमला हुआ है। इससे पहले पत्थर से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ा ले गए थे। इससे पहले घाटीगांव में भी वन अमले पर हमला हुआ था। एक महीने पहले पुरानी छावनी में रेत माफिया ने टीआई पुरानी छावनी को कुचलने का प्रयास किया था।