हरिगिरी महाराज शराबबंदी करने पदयात्रा पर निकले

Feb 22 2021

ग्वालियर। मुरैना में जहरीली शराब से दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत से आहत संत हरिगिरी महाराज ने शराबबंदी करने पदयात्रा शुरू की है। 6 दिन की यह पदयात्रा सोमवार दोपहर 12 बजे ग्वालियर के सातऊं गांव शीतला माता मंदिर से शुरू हुई है। पदयात्रा गांव-गांव होते हुए मुरैना पहुंचेगी। यहां जिन गांव में हादसे हुए हैं, वहां शराबबंदी की शपथ दिलाई जाएगी।
सोमवार रात पदयात्रा सिरोल के हनुमान टेकरी पहुंचेगी। रात को हरिगिरी महाराज वहां विश्राम कर गांव के लोगों को शराबबंदी के लिए शपथ दिलाएंगे। हरिगिरी महाराज के साथ ही लालगिरी महाराज, बालकदास महाराज और उनके सैकड़ों भक्त पदयात्रा में शामिल हैं। साल 2016 में यही हरिगिरी महाराज ने सातऊं गांव में शीतला माता मंदिर और गिरगांव के महादेव मंदिर पर महापंचायत में गुर्जर समाज में शराबबंदी की थी। साथ ही, शराब पीते पकड़े जाने पर 11-11 हजार रुपए जुर्माना भी वसूला गया था।
प्रदेश में एक बार फिर शराबबंदी की आवाज उठी है। इस बार यह आवाज किसी नेता या राजनीतिक दल ने नहीं, बल्कि गुर्जर समाज के संत हरिगिरी महाराज ने यह बात फिर से उठाई है। वह गुर्जर समाज में लगातार शराबबंदी, दहेज प्रथा, शादियों में विलासिता जैसी बुराइयों को बंद कराने के लिए प्रयास करते रहे हैं। इस बार संत हरिगिरी महाराज, संत लालगिरी महाराज, संत बालकदास महाराज ने सर्व समाज में शराबबंदी करने का निर्णय लिया है। इसके लिए वह पूरे अंचल में पदयात्रा करेंगे। पहले चरण में सोमवार 22 फरवरी को ग्वालियर के सातऊं गांव शीतला मंदिर से अपने सैकडों भक्तों के साथ हरिगिरी महाराज ने 6 दिवसीय पदयात्रा का शुभारंभ किया है।
यह रहेगा पदयात्रा का रूट
बाबा हरिगिरी की पदयात्रा सोमवार दोपहर 12 बजे सातऊं शीतला माता मंदिर से शुरू हुई है। दोपहर 3 बजे यह पदयात्रा नौगांव पहुंच गई थी। इसके बाद यह विक्की फैक्टरी, कोटे की सराय, लखनौती, अलापुर होते हुए सिरोल पहुंचेगी। सिरोल में हनुमान टेकरी मंदिर पर बाबा और उनके अनुयायी रात्रि विश्राम करेंगे। यहां गांव के लोगों से बाबा मुलाकात कर उनको शराबबंदी के लिए शपथ दिलाएंगे। इसके बाद यात्रा मुरार, दीनदयाल नगर, भिंड रोड गिरगांव, लक्ष्मणगढ़ होते हुए बायपास के गांव में संपर्क करते हुए बानमोर, नूराबाद से मुरैना पहुंचेगी। मंगलवार रात को मुरैना में विश्राम रहेगा। उसके बाद अगले 4 दिन गांव-गांव जाकर लोगों को शराबबंदी की शपथ दिलाई जाएगी।
अखिल भारतीय गुर्जर समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप सिंह गुर्जर ने बताया कि वर्ष 2016 में बाबा हरिगिरी ने शीतला माता मंदिर सातऊ में महापंचायत की थी। जिसमें गुर्जर समाज को शराब मुक्त बनाने का फैसला हुआ था। उस समय हर गांव में एक मुखिया बनाकर निगरानी सौंपी गई थी। समाज को शराब बंदी के लिए सामूहिक शपथ दिलाई गई थी। जो शराब पीते पकड़ा जाता था उस पर 11 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला गया था। अब यह अभियान सर्व समाज के लिए चलाया जा रहा है।