कानूनों के विरोध में आज किसान रोकेंगे रेल

Feb 17 2021

ग्वालियर। संयुक्त किसान मोर्चा आज गुरुवार18 फरवरी को देश भर में किये जाने वाले 4 घंटे के रेल रोको आंदोलन में शामिल होगा। इसमें ट्रेड यूनियंस और महिला, छात्र, युवा संगठन भी इसके साथ जुड़े हैं। यह जन आंदोलन इन मांगों को हासिल किये बिना समाप्त नहीं होगा। किसान दिल्ली से वापस नहीं लौटेगा। ग्वालियर में जगह-जगह किसान पंचायतें जारी हैं। अनेक किसान संगठन अन्य जन संगठनों के साथ मिलकर 1 जनवरी से लगातार धरना जारी रखे हुए हैं। ग्वालियरवासी दुखी हैं कि उन्हीं के शहर के नागरिक और पूर्व सांसद देश के कृषिमंत्री हैं और किसान लगातार दिल्ली में बैठे हैं और उनमें से भी 235 शहीद भी हो चुके हैं। 
इस शहर के नागरिक आहत महसूस करते हैं कि उनका जनप्रतिनिधि रहा नागरिक किसानो के साथ खड़े होने की बजाय को देसी विदेशी कारपोरेट कंपनियों का मुनाफा बढ़ाने का जरिया बनाने वाला दिख रहा है। इस अब तक के सबसे अनुशासित, शांतिपूर्ण आंदोलन के प्रति केंद्र सरकार का रवैया अत्यंत शर्मनाक, निंदनीय तथा आपत्तिजनक है। अपने ही देश के किसानों को कभी खालिस्तानी, कंही पाकिस्तानी, कभी देशद्रोही तो कभी आतंकवादी बताने के लिए उसने अपने सारे मंत्रियों और उनके कुटुम्ब-कबीले को लगा रखा है। हर तरह के दमन को आजमाने और विफल रहने के बाद अब सरकार खुद अपने ही देश की जनता के खिलाफ साजिशें रचने पर आमादा हो गयी है। इस का एक उदाहरण 26 जनवरी की घटना है जब भाजपा ने अपने ही एक नेता के अगुआई वाले झुण्ड को लालकिले तक जलूस की अनुमति दी और फिर हिंसक नफरत की।