सुबह से उमड़ी सैलानियों की भीड़, बच्चों में भारी उत्साह

Feb 15 2021

ग्वालियर। पूरे 333 दिन बाद सोमवार को गांधी प्राणी उद्यान (चिडिय़ाघर) में फिर रौनक दिखाई दी। कोरोना के चलते बीते साल 18 मार्च को इसे सैलानियों के लिए बंद कर दिया गया था। सुबह नौ बजे तब इसके गेट खुले इससे पहले ही जू की सैर करने लिए सैलानी यहां पहुंच चुके थे, बच्चों में तो वन्य प्राणियों को साक्षात देखने को लेकर बेहद रोमांच दिखाई दे रहा था, ऐसे में वह बेहद उत्साहित थे, यह उत्साह उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा था। भले ही जू के गेट सैलानियों के लिए खोल दिए गए हों, लेकिन जबरदस्त एहतियात प्रबंधन द्वारा किए गए हैं। 
लगभग 11 माह करना पड़ा इंतजार
चिडिय़ाघर सैलानियों की विशेष पसंद रहता है, ऐसे में कोरोना गाइड लाइन के चलते कई तरह की सुविधाएं और छूट लगातार मिलती रहीं, लेकिन चिडिय़ाघर पर ताला ही लटका रहा, डर यह था कि कहीं वन्य प्राणी इसके शिकार न हो जाएं ऐसे में चिडिय़ाघर अथॉरिटी किसी भी तरह का रिस्क लेने को तैयार नहीं थी। दो दिन पहले जब अथॉरिटी से आदेश मिले तो फिर चिडिय़ाघर प्रबंधन ने इसे नई सज्जा के साथ संवारकर आज सुबह चिडिय़ाघर को आम लोगों के लिए खोल दिया। 
रहेंगी कई पाबंदी
भले ही सोमवार से सैलानियों को चिडिय़ाघर में प्रवेश मिल गया हो, लेकिन कई तरह के प्रतिबंध भी अथॉरिटी के आदेशानुसार प्रबंधन ने लगाए है, जिसके तहत खाने पीने का कोई भी सामान जू के भीतर नहीं ले जाया जा सकेगा, न ही वन्य प्राणियों को इसे खिलाने की छूट होगी। इसके लिए गेट के समीप ही बनाए गए कंट्रोल रूम में सारा सामान जमा कराना होगा, जिसे बाद में सैलानी वापस ले सकेंगे। वहीं किसी भी कैज के पास ज्यादा देर रुकने नहीं दिया जाएगा, इसके लिए चिडिय़ाघर प्रबंधन ने पृथक से 10 नए गार्डों को नियुक्त किया है। 
इनका होगा पहली बार दीदार
लॉकडाउन के दौरान चिडिय़ाघर में 28 साल बाद लॉयन प्रजाति की दिल्ली जू से लाई गई परी लॉयन तथा बिलासपुर के जय ने तीन शावकों को जन्म दिया था। इनका शहरवासियों ने पहली बार दीदार करें। वहीं शहरवासी पहली बार एलबिनो ब्लैक बक भी देख पाए। 
वन्यप्राणियों को दिया है प्राकृतिक वातावरण
11 माह तक चिडिय़ाघर बंद रहा इस दौरान यहां कई तरह के नए प्रयोग करते हुए वन्य प्राणियों को प्राकृतिक वातावरण प्रदान करने के लिए यहां जानवरों के कैजों में नए झूले लगाए गए हैं, वहीं शेर व चीतों के लिए मचान के साथ ही तालनुमा पानी भी भरा गया है। यह सब सैलानियों को भी बेहद लुभाएगा।
चिडिय़ाघर के प्रवेश द्वार पर ही सेनेटाइजर रखने के साथ ही सेनेटाइजर मशीन भी लगाई गई है, इसका उपयोग अनिवार्य होगा, वहीं बिना मास्क के प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यदि जानवरों के साथ किसी भी तरह की हरकत की गई या फिर कैज के पास शोर मचाया गया तो फिर दंडनीय कार्रवाई होगी।